डोनाल्ड ट्रंप के 'पाषाण युग' धमकी के बाद ईरानी आर्मी चीफ का ऐलान: अगर अमेरिका ने जमीनी हमला किया तो कोई जिंदा नहीं बचेगा
ईरान-इज़रायल संघर्ष: तेहरान की 'करो या मरो' की चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी जमीनी हमले की स्थिति में "कोई जीवित नहीं बचेगा" की भयानक चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सैन्य अभियान को तेज करने के संकल्प के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर है। मिसाइल हमलों और भारी मौतों के साथ, पश्चिम एशिया एक निर्णायक और विनाशकारी मोड़ की ओर बढ़ रहा है।
तेहरान। अमेरिका-इज़रायल के हमलों के 34वें दिन ईरान ने संभावित जमीनी अभियान को लेकर कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अमेरिकी सेना ने जमीनी हमला करने की कोशिश की तो कोई भी जीवित नहीं बचेगा। ईरान की सेना ने अमेरिकी जमीनी हमले की आशंका के मद्देनज़र अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सशस्त्र बलों के प्रमुख आमिर हतामी ने सैन्य मुख्यालयों को अमेरिका और इज़रायल की गतिविधियों पर "पल-पल नजर" रखने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी समाचार एजेंसी इरना द्वारा जारी वीडियो में हतामी ने कहा कि यदि दुश्मन जमीनी कार्रवाई करता है तो "एक भी व्यक्ति को जीवित नहीं बचना चाहिए।" यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ तीन से चार सप्ताह तक चलने वाले तीव्र सैन्य अभियान की घोषणा की है और दावा किया है कि अमेरिका ईरान की सैन्य क्षमता को काफी हद तक नष्ट कर चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने युद्धविराम की मांग की है, जिसे तेहरान ने तुरंत खारिज कर दिया।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की जनता का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों से कोई बैर नहीं है और अमेरिकी नागरिकों से अपील की कि वे युद्ध जारी रखने के पीछे ट्रंप के उद्देश्यों पर सवाल उठाएं। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका से संदेश मिलने के बावजूद बातचीत को लेकर भरोसा "शून्य" बना हुआ है। इस बीच, पूर्व विदेश मंत्री कमाल खर्राज़ी तेहरान स्थित अपने आवास पर हुए हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें उनकी पत्नी की मौत हो गयी। बताया जा रहा है कि वह अमेरिका के साथ पाकिस्तान बैक-चैनल वार्ता की कोशिशों में शामिल थे।
खाड़ी क्षेत्र में भी तनाव बढ़ गया है। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान द्वारा दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने की बात कही है, जबकि कतर के दोहा तट के पास एक टैंकर पर हमले में नुकसान हुआ, हालांकि कोई हताहत नहीं हुआ। इज़रायल में भी ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोके जाने की खबर है, जबकि तेल अवीव के पास 11 वर्षीय बच्ची सहित 14 लोग घायल हुए हैं। इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजमिन नेतन्याहू के आकलन के अनुरूप श्री ट्रंप द्वारा दिए गए समय संकेतों से यह संभावना जताई जा रही है कि संघर्ष आने वाले हफ्तों में निर्णायक मोड़ पर पहुंच सकता है।
वहीं, क्षेत्रीय तनाव के बीच लेबनान और इराक में भी हमलों की खबरें हैं, जिनमें हिज्बुल्लाह के एक वरिष्ठ कमांडर सहित कई लोगों के मारे जाने की सूचना है। वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतों में उछाल और युद्ध को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है।

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