न मानी बात तो मादुरो से भी बुरा होगा अंजाम! नरम पड़ा मेक्सिको, अमेरिका की हर शर्त मानने को तैयार
मेक्सिको की संप्रभुता: राष्ट्रपति शिनबाम ने अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को नकारा
राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने मादक पदार्थों की तस्करी रोकने हेतु अमेरिकी सैनिकों को भेजने के डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने विदेशी हस्तक्षेप के बजाय द्विपक्षीय सहयोग और आपसी सम्मान पर जोर दिया।
मेक्सिको सिटी। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शिनबाम ने कहा है कि मेक्सिको के अपने सिद्धांत हैं, जिन पर वह चलता है लेकिन वह हमेशा अमेरिका के साथ अपने मसले सुलझाने के लिए बातचीत का पक्षधर है। राष्ट्रपति शिनबाम की यह प्रतिक्रिया अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस हालिया सुझाव के बाद आयी है, जिसमें उन्होंने नशीली दवाओं की तस्करी से निपटने में मदद के लिए अमेरिकी सैनिकों को भेजने की बात कही थी। उन्होंने देश में किसी भी तरह के विदेशी हस्तक्षेप को मंगलवार को सिरे से खारिज कर दिया।
अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति शिनबाम ने मादक पदार्थों की तस्करी से प्रभावी ढंग से लडऩे के लिए साझा जिम्मेदारी और राष्ट्रीय संप्रभुता के प्रति अटूट सम्मान के ढांचे के भीतर बातचीत और द्विपक्षीय सहयोग की वकालत की। मेक्सिको प्रमुख के अनुसार, वह वाशिंगटन के साथ आपसी बातचीत के रास्ते बंद किये बिना एक दृढ़ और सैद्धांतिक रुख बनाये हुए है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी अन्य चीज से ऊपर बातचीत को प्राथमिकता देती हैं और हमेशा अमेरिकी सरकार के साथ (एजेंसी) की पक्षधर हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक साथ काम करने का उचित तरीका यही है कि राजनयिक माध्यमों को मजबूत किया जाये और आपसी सम्मान तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के सिद्धांतों पर आधारित समझौतों के साथ आगे बढ़ा जाये। मेक्सिको संगठित अपराध से निपटने में अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह निभाता है लेकिन इसके साथ ही अमेरिका को भी अपने क्षेत्र में हथियारों की तस्करी, नशीली दवाओं के वितरण और धन शोधन को रोकने के लिए अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

Comment List