मिडिल ईस्ट में जंग छेड़ने के बाद नए ट्रेड फ्रेमवर्क में भारत समेत कई देशों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा फैसला, बढ़ते व्यापार घाटे को बताया राष्ट्रीय चिंता का विषय
ट्रंप का व्यापार एजेंडा 2026: 'अमेरिका फर्स्ट' नीति की वापसी
मिडिल ईस्ट संकट के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 व्यापार नीति जारी कर "मजबूत अमेरिका" का संदेश दिया है। एजेंडे का मुख्य लक्ष्य व्यापार घाटे को कम करना, टैरिफ सख्ती से लागू करना और चीन पर निर्भरता घटाना है। प्रशासन अब भारत और यूरोपीय संघ जैसे सहयोगियों के साथ आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा और नए समझौतों पर ध्यान केंद्रित करेगा।
अमेरिका। मिडिल ईस्ट में जारी सैन्य टकराव के बीच वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। एक ओर अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमले तेज हुए हैं, वहीं ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। इस तनावपूर्ण माहौल में व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 2026 का व्यापार नीति एजेंडा जारी कर नया संदेश दिया है—“अमेरिका फिर से मजबूती से खड़ा है।”
एजेंडे में बढ़ते व्यापार घाटे को राष्ट्रीय चिंता का विषय बताया गया है। दस्तावेज के अनुसार, बीते दशकों में विनिर्माण क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ, लाखों नौकरियां विदेश चली गईं और हजारों कारखाने बंद हुए। प्रशासन का दावा है कि टैरिफ को सख्ती से लागू करने और पुराने व्यापार समझौतों की पुनर्समीक्षा से हाल के महीनों में वस्तु व्यापार घाटे में कमी आई है।
चीन के साथ व्यापार संतुलन में सुधार को भी बड़ी उपलब्धि बताया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2025 में चीन के साथ घाटा उल्लेखनीय रूप से घटा और निर्यात में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई।
2026 के लिए छह प्राथमिकताओं में पारस्परिक व्यापार समझौतों को आगे बढ़ाना, आपूर्ति श्रृंखलाओं की सुरक्षा, अमेरिका–मेक्सिको–कनाडा समझौता की समीक्षा और विश्व व्यापार संगठन के ढांचे में संतुलित व्यापार की वकालत शामिल है। भारत, जापान और यूरोपीय संघ जैसे साझेदारों के साथ नए ढांचा समझौतों पर भी जोर दिया गया है।
विश्लेषकों का मानना है कि युद्ध और व्यापार नीति का यह मेल आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय कर सकता है।

Comment List