वाहनों की जगह जिंदगी पर लग सकता है ब्रेक,शहर में अधिकतर स्पीड ब्रेकर क्षतिग्रस्त
बिना मानक बने स्पीड ब्रेकरों से हादसों का खतरा
छोटी-छोटी गलियों और मौहल्लों में जरा-जरा सी दूरी पर स्पीड ब्रेक बने हुए हैं।
कोटा। शहर में मुख्य मार्गों से लेकर गली मौहल्लों तक में वाहनों की तेज गति को नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। लेकिन अधिकतर ब्रेकर या तो क्षतिग्रस्त हो रहे हैं या बिना मानकों के बने हुए हैं। जिनसे हादसों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में ये ब्रेकर वाहनों की गति पर ब्रेक लगाने की जगह व्यक्ति की जिंदगी पर ब्रेक लगा सकते हैं। वाहन चालक निर्धारित गति से वाहन चलाएं और मोड व स्कूल-कॉलेज के पास वाहनों की गति को नियंत्रित कर सकें। इसके लिए यातायात नियमों के तहत मुख्य मार्गों समेत कई जगह पर नगर निगम, कोटा विकास प्राधिकरण व सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं। नियमानुसार तो ये स्पीड ब्रेकर निर्धारित मानकों के अनुसार ही बनाए जाने चाहिए। जिसमें उनकी ऊंचाई लम्बाई व चौड़ाई सभी निर्धारित है। साथ ही हर स्पीड ब्रेकर पर सफे द पट्टी भी होनी चाहिए। जिससे दूर से ही वाहन चालकों को स्पीड ब्रेकर का पता चल सके और वे अपने वाहनों की गति को धीमा कर सके। लेकिन हालत यह है कि शहर में अधिकतर ब्रेकर बिना मानक के और लोगों की मनमर्जी से बने हुए हैं।
अधिकतर ब्रेकर बीच से टूटे हुए
शहर में मुख्य मार्गो पर जहां बड़े-बड़े स्पीड ब्रेकर बने हुए हैं। वहीं छोटी-छोटी गलियों और मौहल्लों तक में जरा-जरा सी दूरी पर स्पीड ब्रेक बने हुए हैं। कई लोगों ने तो अपने घर के सामने, किसी ने अपनी दुकान के सामने, किसी ने शोरूम के सामने तो किसी ने बिना किसी कारण के स्पीड ब्रेकर बनाए हुए हैं। रबड़ वाले व डामर- गिट्टी के बने इन स्पीड ब्रेकर में अधिकतर बीच से टूटे हुए हैं। कई उबड़-खाबड़ हो रहे हैं। कई स्पीड ब्रेकर पर सफेद पट्टी भी नहीं हो रही है। जिससे उन स्पीड ब्रेकर से गुजरने वाले वाहनों विशेष रूप से दो पहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। वाहन चालकों के लिए ऐसे स्पीड ब्रेकर खतरा बने हुए हैं।
कुछ को तोड़ा तो कुछ हुए खराब
जानकारों के अनुसार नगर निगम व केडीए की ओर से यातायात पुलिस की सलाह पर जो स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं वे तो नियमानुसार बने हैं। लेकिन कई स्पीड ब्रेकर लोगों ने अपनी मर्जी से या बिना किसी की जानकारी के बनाए हैं वे गलत तरीके से बने हुए हैं। उनमें से कुछ को तो लोगों ने ही तोड़ दिया है। वहीं डामर के स्पीड ब्रेकर बरसात व भारी वाहनों के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
शहर में हर जगह ऐसी स्थिति
शहर में कोई भी जगह ऐसी नहीं हैं जहां स्पीड ब्रेकर पूरी तरह से सही हों। विज्ञान नगर पीएफ कार्यालय रोड, छावनी, स्माल स्केल इंडस्ट्रीयल एरिया, नयापुरा, बसंत विहार, बजरंग नगर,महावीर नगर, रंगबाड़ी रोड व दादाबाड़ी और वल्लभ नगर समेत सभी जगह पर ऐसी स्थिति हैं जहां जितने स्पीड ब्रेकर हैं उनमें से ज्यादातर टूटे हुए ही हैं। जिन पर आए दिन वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
जहां जरूरत हो वहीं बने ब्रेकर
लोगों का कहना है कि स्पीड ब्रेकर की जहां जरूरत हो वहीं बनने चाहिए। साथ ही यातायात नियमों व मानकों के अनुसार ही बनाए जाएं।बजरंग नगर निवासी संजय साहू का कहना है कि जगह-जगह छोटी गलियों में बिना मानक के रबड़ वाले व डामर के छोटे ब्रेकर बनाना गलत है। उनसे वाहन तो रूकते नहीं हैं लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। साथ ही इन ब्रेकर पर वाहन उछलने ने लोगों को कमर दर्द समेत कई तरह की बीमारियों का भी सामना करना पड़ रहा है।भीमगंजमंडी निवासी महेश लोधा का कहना है कि बिना मानक के बने व क्षतिग्रस्त ब्रेकर अधिक नुकसान दायक हैं। इनसे दुर्घटना का खतरा होने के साथ ही वाहनों को भी नुकसान हो रहा है। नगर निगम व कोटा विकास प्राधिकरण के इंजीनियरों को पूरे मानक के अनुसार ही ब्रेकर बनाए जाने चाहिए। गलत तरीके से ब्रेकर बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
इनका कहना है
शहर में स्पीड ब्रेकर तो वाहनों की गति को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए हैं। जहां भी ब्रेकर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। उनका सर्वे कराया गया है। पूरे मानक के अनुसार और जिला सड़क सुरक्षा समिति के निर्देशानुसार ब्रेकर की मरम्मत व रखरखाव का कार्य कराया जा रहा है।
-मुकेश चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण

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