असर खबर का : एनएच-27 पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर लाइटिंग व सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं, आरटीओ, एनएचएआई व ग्रामीण पुलिस को संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश
जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में जिला कलक्टर ने दिए निर्देश
दुर्घटनाएं रोकने के लिए संभावित ब्लैक स्पॉट पर हों सुरक्षात्मक उपाय।
कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने एनएचएआई अधिकारियों को एनएच-27 पर दुर्घटना संभावित स्थानों पर लाइटिंग से संबंधित कार्य व अन्य सुरक्षात्मक उपाय कर आगामी मीटिंग के समय इसकी रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने ये निर्देश जिला सड़क सुरक्षा समिति की गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित किए जाएं। जिला कलक्टर ने कोटा शहर व ग्रामीण क्षेत्र में चिन्हित दुर्घटना संभावित स्पॉट्स की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि ज्वाइंट कमेटी के निरीक्षण के आधार पर ऐसे स्पॉट्स पर आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कार्य किए जाएं।
उन्होंने 8-लेन एक्पप्रेस-वे पर ढाबों के आगे व अन्य स्थानों पर ट्रकों के खड़ा रहने से दुर्घटनाओं की संभावनाओं को देखते हुए आरटीओ, एनएचएआई व ग्रामीण पुलिस को संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने रामगंजमंडी में बने ट्रक यार्ड को शुरू करने के निर्देश एनएचएआई को दिए ताकि ट्रक हाईवे के किनारे खड़े नहीं रहें। जिला कलक्टर समारिया ने कोटा शहर में पैदल चलने वालों की सुविधा के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर के बारे में भी जानकारी ली।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि ताथेड़ तेल डिपो कट पर लाइटिंग की व्यवस्था के संबंध में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।परियोजना निदेशक आरएसआरडीसी ने बताया कि एनएच-51 कोटा-सांगोद-बपावर सड़क के चौड़ाईकरण की डीपीआर पीडब्ल्यूडी मुख्यालय भिजवाई गई है। सड़क पर आवश्यकतानुसार चेतावनी बोर्ड व स्पीड ब्रेकर लगवाए गए हैं।
सभी 75 दुर्घटना स्थल किए सही
बैठक में अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी व जिला सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य सचिव जेपी गुप्ता ने बताया कि जनवरी-2025 में ई-डार के माध्यम से जिले में 75 दुर्घटना स्थल चिन्हित किए गए थे। इनमें से 5 निश्चित ब्लैक-स्पॉट की श्रेणी में थे। सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में दिए गए निर्देशानुसार इन सभी 75 दुर्घटना स्थलों पर सुरक्षात्मक उपाय किए गए हैं।
दुर्घटना, घायल व मृतकों की कम हुई संख्या
उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में कोटा जिले में दुर्घटनाओं में 20 प्रतिशत, हादसों से होने वाली मृत्यु में 9 प्रतिशत व घायलों की संख्या में भी 13 प्रतिशत की कमी आई है। कोटा शहर में दुर्घटनाओं में करीब 24 प्रतिशत, सड़कजनित हादसों में मृत्यु में 23 प्रतिशत जबकि घायलों की संख्या में 21 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में जिले में 158 दुघर््ज़्टनाएं कम हुई हैं।
रॉंग साइड चलने वालों पर हो रही कार्रवाई
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रामकल्याण मीणा ने बताया कि सड़क पर रॉन्ग साइड चलने वाले वाहन चालकों के विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। पैदल चलने वालों के साथ होने वाली दुघज़्टनाओं में कमी लाने के लिए अभियान चलाकर आमजन, स्कूली बच्चों को यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है।
निजी ड्राइविंग स्कूलों की हो रही जांच
प्रादेशिक परिवहन अधिकारी मनीष शर्मा ने बताया कि जिले में संचालित निजी ड्राइविंग स्कूलों की समय-समय पर सघन जांच की जा रही है। प्रशिक्षण के स्तर में अनियमितता पाए जाने पर विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।बैठक में केडीए अधिकारियों ने बताया कि प्रेमनगर चौराहे से डीसीएम चौराहे तक रोड़ चौड़ाईकरण, डिवाइडर व फुटपाथ के लिए निविदा आमंत्रित की जा चुकी है। उन्होंने दुर्घटनाओं को रोकने के लिए किए गए सुरक्षात्मक उपायों के बारे में जानकारी दी।बैठक में एडीएम सिटी अनिल कुमार सिंघल, एएसपी शहर दिलीप सैनी, उपायुक्त नगर निगम हरविंदर ढिल्लन सहित पुलिस, परिवहन, जेवीवीएनएल, केडीए समेत अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नवज्योति ने किया था मामला प्रकाशित
गौरतलब है कि एनएच 27 पर अव्यवस्थाओं व लाइटिग नहीं होने से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं का मामला दैनिक नवज्योति ने प्रकाशित किया था। समाचार पत्र में 18 अप्रैल को पेज 6 पर' वसूली पर ध्यान, खतरे में यात्रियों की जान शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। जिसमें इस मार्ग पर डिवाइडर व रोशनी समेत अन्य कमियां होने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना होने व रात को जोखिम भरा सफर होने की जानकारी दी गई थी।
जिला कलक्टर द्वारा इस मामले को गम्भीरता से लेकर हुए एनएचएआई अधिकारियों को एनएच 27 पर लाइटिंग व दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए हैं।

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