करोड़ों की सरकारी जमीन अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे में, जानें पूरा मामला

सबसे अधिक अतिक्रमण नदी पार क्षेत्र में

करोड़ों की सरकारी जमीन अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे में, जानें पूरा मामला
केडीए लगातार कार्रवाई कर करवा रहा जमीनों को अतिक्रमण मुक्त।

कोटा। केस एक: कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने 13 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के तीरथ गांव में कार्रवाई करते हुए करीब 22 करोड़ रुपए की सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया है।

केस दो: केडीए की अतिक्रमण निरोधक टीम ने 11 अप्रैल को नदी पार क्षेत्र के नांता, बालिता, गिरधरपुरा, गामछ में अतिक्रमण के खिलाफ कर करीब 10 करोड़ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया।

केस तीन: कोटा विकास प्राधिकरण की अतिक्रमण निरोधक टीम ने इसी साल 16 जनवरी को तालेड़ा क्षेत्र के तुलसी गांव में केडीए की जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। जिससे करीब 2.50 करोड़ की जमीन को अतिक्रमियों के कब्जे से मुक्त कराया।

ये तो वे उदाहरण हैं जो हाल ही में कोटा विकास प्राधिकरण के अतिक्रमण निरोधक दस्तों ने कार्रवाई करते हुए सरकारी जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। इनके अलावा भी शहर में सभी क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में ऐसी सरकारी जमीनें हैं जिन पर अभी भी अतिक्रमियों के कब्जे हैं। करोड़ों-अरबों रुपए की बेशकीमती जमीनों पर बरसों से अतिक्रमण हो रहा है। जिन पर न तो अधिकारियों का ध्यान रहा और न ही पुलिस का। शहर में सबसे अधिक सरकारी जमीनों पर नदी पार क्षेत्र में अतिक्रमण व कब्जे हो रहे हैं।

Read More गरीब- माध्यम वर्ग को मंहगाई की आग में झोंक रही सरकार : अतिरिक्त टैक्स लादकर जनता की काटी जेब, तेजस्वी बोले- अभी और बढ़ेंगे पेट्रोलियम पदार्थो के दाम

देवली अरब समेत कई जगह पर हुई कार्रवाई
केडीए की ओर से पिछले कुछ समय से अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई स्थायी रूप से और सरकारी व केडीए की जमीनों पर किए गए बरसों से अतिक्रमण के खिलाफ की जा रही है। केडीए की ओर से 9 अप्रैल को देवली अरब क्षेत्र में कार्रवाई कर 0.16 हैक्टेयर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए से अधिक है। इसी तरह से खेड़ा जगपुरा में 5.38 हैक्टेयर यानि करीब 33 बीघा जमीन को मुक्त कराया। इसकी कीमत करीब 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। वहीं कंसुआ के शिव सागर थेगड़ा में भी सरकारी भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर जमीन को मुक्त कराया। जिसकी कीमत करीब दो करोड़ रुपए है।

Read More असर खबर का... सड़क सीमा में निकाले सभी दरवाजे किए बंद

राम नगर में 35 भूखंड करवाए मुक्त
केडीए अधिकारियों के अनुसार अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उसी के तहत गत दिनों राम नगर पत्थर मंडी में प्राधिकरण की योजना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए करीब 35 भूखंडों व पार्क को अतिक्रमण से मुुक्त करवाया। जिनकी कीमत करीब 40 करोड़ रुपए से अधिक है।वहीं धाकडख़ेड़ी व कंवरपुरा में भी बरसों से हो रहे अतिक्रमण को हटाकर 25 करोड़ की भूमि को मुक्त कराया गया।

Read More बेटियों को संबल दें, तुम्हारी जिंदगी से बड़ा कुछ भी नहीं

नए गांव व एरिया शामिल होने से मिली जमीन पर है अतिक्रमण
केडीए के तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा ने बताया कि नगर विकास न्यास से कोटा विकास प्राधिकरण बनने के बाद शहर व आसपास के कई गांव व नए एरिया शामिल हुए हैं। जिनकी जमीन भी केडीए के खाते में आई है। ऐसे में वहां भी बड़ी संख्या में अतिक्रमण हो रहे हैं। शम्भूपुरा व बूंदी तक का क्षेत्र केडीए में शामिल हुआ है। यह पृूरा क्षेत्र नदी पार में आता है। ऐसे में इस क्षेत्र में ही करीब 12 हजार बीघा नई जमीन शामिल होने से यहां सबसे अधिक अतिक्रमण हो रहा है। इनके अलावा अन्य क्षेत्रों में भी स्थायी अतिक्रमण हो रहे हैं। जिनके खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है।

इनका कहना है
केडीए सीमा में शामिल हुए नए एरिया में अधिक अतिक्रमण के मामले आ रहे हैं। केडीए टीम द्वारा अतिक्रणम के संबंध में नियमित सर्वे किया जा रहा है। उस सर्वे व अन्य लोगों के माध्यम से अतिक्रमण की जानकारी मिल रही है। उन जानकारियों के आधार पर हर महीने का शेड्यूल बनाकर अतिक्रमण के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में की गई कार्रवाई से करोड़ों की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। उन जमीनों पर केडीए की ओर से प्लानिंग की जाएगी। जिससे केडीए की आय हो सके।
- मुकेश कुमार चौधरी, सचिव कोटा विकास प्राधिकरण

Post Comment

Comment List

Latest News

क्या विपक्ष को फिर एकजुट करेंगी ममता? राहुल से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें ; बढ़ी सियासी हलचल, 6 जून को होगी भविष्य की रणनीति तय क्या विपक्ष को फिर एकजुट करेंगी ममता? राहुल से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें ; बढ़ी सियासी हलचल, 6 जून को होगी भविष्य की रणनीति तय
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव में हार के बाद विपक्षी खेमे को एकजुट करने के लिए 6 जून को 'INDIA'...
पूर्व कुलपति डॉ. देव स्वरूप से जुड़े विवादों ने बढ़ाई चर्चा, राजस्थान यूनिवर्सिटी में हलचल
संयुक्त राष्ट्र की खौफनाक रिपोर्ट: 2025 में युद्ध क्षेत्रों में यौन हिंसा के मामले दोगुने से अधिक बढ़े, 10,000 मामले दर्ज
शुभेन्दु सरकार का बड़ा फैसला: सर्वाइकल कैंसर से लड़ने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान की शुरूआत, 14 वर्षीय लड़कियों को होगा लाभ
अमृत भारत योजना से बदली सूरतगढ़ स्टेशन की तस्वीर, व्यापार और आवागमन को मिला नया बल
सीयूईटी-यूजी 2026 में तकनीकी गड़बड़ी पर 'आप' हमलावर, सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने उठाए परीक्षा सुरक्षा पर सवाल
प्रवक्ताओं एवं मीडिया पैनलिस्टों की नियुक्ति छह माह की परिवीक्षा अवधि पर, प्रदर्शन के आधार पर होगा अंतिम चयन : कांग्रेस