भारत-चीन सीमा वार्ता: ऊपरी धारा की परियोजनाओं का तकनीकी विवरण साझा करने की मांग, सीमा क्षेत्रों में शांति बनाए रखना समग्र विकास के लिए आवश्यक
नदियों पर डेटा साझा करने की मांग
नई दिल्ली। भारत ने चीन के साथ सीमा-पार नदियों पर विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र की बैठक जल्द आयोजित करने की जरूरत बताते हुए ऊपरी धारा की परियोजनाओं से संबंधित तकनीकी विवरण साझा किए जाने की मांग की है। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को यहां बताया कि भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श एवं समन्वय के लिए कार्यकारी तंत्र (डब्ल्यूएमसीसी) की 36वीं बैठक गुरुवार को यहां हुई। बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पूर्वी एशिया) सुजीत घोष ने किया, जबकि चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व चीन के विदेश मंत्रालय के सीमा एवं महासागरीय मामलों के विभाग की महानिदेशक होउ यानछी ने किया।
बैठक में दोनों पक्षों ने विभिन्न विषयों पर स्पष्ट एवं खुली चर्चा की और वास्तविक नियंत्रण रेखा पर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने माना कि सीमा क्षेत्रों में शांति एवं स्थिरता बनाए रखना द्विपक्षीय संबंधों के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। दोनों पक्ष वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबित मुद्दों के समाधान तथा किसी भी प्रकार की गलतफहमी और गलत आकलन से बचने के लिए डब्ल्यूएमसीसी, स्थानीय कमांडर-स्तरीय बैठकों तथा अन्य सहमत तंत्रों सहित मौजूदा राजनयिक एवं सैन्य माध्यमों की मदद लेने पर सहमत हुए।
दोनों देशों ने 24वीं विशेष प्रतिनिधि वार्ता के परिणामों के अनुरूप सीमा निर्धारण, सीमा प्रबंधन, तंत्र-निर्माण तथा सीमा-पार सहयोग से संबंधित मुद्दों पर भी विस्तृत विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान भारत ने सीमा-पार नदियों पर विशेषज्ञ-स्तरीय तंत्र की अगली बैठक शीघ्र आयोजित किए जाने की आवश्यकता दोहराई और ऊपरी धारा की परियोजनाओं से संबंधित तकनीकी विवरण साझा किए जाने के महत्व पर बल दिया।

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