जलझूलनी एकादशी : गोनेर में पालकी में विराजेंगे लक्ष्मी जगदीश जी, नौका में होगा दो घंटे जल विहार
30 झांकियां रहेंगी आकर्षण
जयपुर। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी जलझूलनी एकादशी पर जयपुर के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में दिनभर धार्मिक आयोजन होंगे। ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देवजी सहित शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और उत्सव होंगे। वहीं गोनेर स्थित श्री लक्ष्मी जगदीश जी मंदिर में वार्षिक जलझूलनी एकादशी मेला भरेगा। गोनेर में शाम 4 बजे श्री लक्ष्मीजगदीश महाराज पालकी में विराजमान होकर बैंड-बाजे के साथ जगन्नाथ सरोवर पहुंचेंगे। यहां भगवान को नौका में विराजमान कर करीब दो घंटे जल विहार कराया जाएगा। जल विहार यात्रा में करीब 30 झांकियां, सजे-धजे घोड़े, बैंड-बाजे और बलवंत व्यायामशाला के स्वयंसेवक शामिल होंगे। वापसी के दौरान श्रद्धालु जगह-जगह भगवान की आरती उतारेंगे।
पालकी के नीचे से निकलने की परंपरा में भी भक्त भाग लेंगे। मेले में राजस्थान के विभिन्न जिलों के साथ मध्यप्रदेश से भी श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इससे पहले मंगलवार को दर्शन सुबह 5 बजे से शुरू हुए जो शोभायात्रा समाप्त होने तक होंगे। जयपुर के सरस निकुंज, राधा गोपीनाथजी, राधा दामोदरजी, मदनगोपालजी, लाड़लीजी और बृज निधिजी मंदिरों में भी उत्सव मनाया जाएगा।

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