झालाना में राणा की टेरेटरी पर बहादुर-बघेरा की दस्तक, एक माह से लापता जंगल के राजा राणा का सुराग नहीं
सवाल—आखिर कहां ओझल हो गया राणा?
जयपुर। झालाना लेपर्ड रिजर्व में मेल लेपर्ड राणा की करीब एक माह से गैरमौजूदगी वन्यजीव प्रेमियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। रिजर्व में राणा की टेरेटरी में अब दो अन्य मेल लेपर्ड बहादुर और बघेरा की आवाजाही शुरू हो गई है। ऐसे में जंगल के इस चर्चित लेपर्ड की गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वन्यजीव प्रेमियों के मुताबिक, करीब एक माह बीत जाने के बावजूद राणा का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उसकी तलाश में झालाना और आसपास के वन क्षेत्रों में 48 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, लेकिन अब तक किसी भी कैमरे में राणा की तस्वीर सामने नहीं आई है। वहीं, वन विभाग की चार टीमें भी उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।
राणा की टेरेटरी में दूसरे लेपर्ड की मौजूदगी ने उसकी स्थिति को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। हालांकि, बहादुर और बघेरा की आवाजाही से राणा के बारे में किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। वन विभाग का कहना है कि लेपर्ड राणा की तलाश लगातार की जा रही है। इसके बावजूद सवाल बना हुआ है कि जब चार टीमें जंगल में उसकी तलाश कर रही हैं और 48 कैमरों से निगरानी रखी जा रही है, तो राणा आखिर कहां है? उसकी कोई तस्वीर या पुख्ता जानकारी नहीं मिलने से वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ती जा रही है।

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