मारिया कोरिना मचाडो के अवॉर्ड लेने जाने पर लग सकती है रोक, वेनेजुएला सरकार कर सकती है भगोड़ा घोषित
वेनेजुएला सरकार ने मचाडो को भगोड़ा घोषित करने की चेतावनी दी
लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मारिया कोरिना मचाडो को लेकर वेनेजुएला सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि 10 दिसंबर 2026 को ओस्लो में पुरस्कार ग्रहण करने जाएँगी तो उन्हें भगोड़ा घोषित किया जा सकता है। मचाडो पर आतंकवाद और अमेरिका की सैन्य सहायता से जुड़े कई मामले लंबित हैं।
वेनेजुएला। वेनेजुएला सरकार ने लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रचार के लिए मारिया कोरिना मचाडो को नोबेल पुरस्कार से नावाजा जानें की घोषणा की थी, लेकिन मचाडो पुरस्कार लेने के लिए नार्वे जाती है तो उनको सरकार भगोड़ा घोषित कर सकती हैं। बता दें कि, आने वाले 10 दिसंबर 2026 को पुरस्कार वितरण समारोह होने वाला है। बता दें कि, वेनेजुएला सरकार ने ये ठोस कदम इसलिए उठाया है क्योंकि, मचाडो के खिलाफ आतंकवाद के कई मामले दर्ज है। एजी ने मचाडो के बारे में कहा है कि, कैरेबियन में सैन्य तैनाती के लिए अमेरिका की सहायता करने के लिए मचाडो के खिलाफ कई मामले लंबित है, जिसकी जांच चल रही है।
इस मामले में सबसे खास बात ये कि, मचाडो ने सैन्य मौजूदगी का पूरी तरह से स्वागत किया है और कहा है कि, वह वेनेजुएला में छिपी हुई हैं और पुरस्कार लेने के लिए 10 दिसंबर को ओस्लो जा सकती है। इसके विपरित वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने आरोप लगाते हुए कहा है कि, इसके जरिए उनकी सरकार गिराने की लगातार कोशिश की जा रही है।
इससे पहले अक्टूबर में मचाडो ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कहा था कि, वेनेजुएला की जनता की संप्रभु इच्छा को सम्मान दिलाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति हमारे मुख्य सहयोगी है और वो इसके लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसके बाद अवॉर्ड विजेता नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वात्ने फ्रिडनेस ने मचाडो की जमकर तारिफ की थी। इस मामले में फ्रिडनेस ने कहा है कि, मचाडो अब अपनी जान को बचाने के लिए छिपकर रहने का मजबूर है और वो इस समय भी अपने ही देश में और लाखों लोगों को प्रेरित करने का काम कर रही है। इसके साथ ही बता दें कि, मारिया के करीबी एडमंडो गोंजालेज को राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया था, लेकिन अब खबर सामने आ रही है कि, मचाडो वेनेजुएला में ही किसी अज्ञात स्थान पर चली गई है और जनवरी के बाद से उनको किसी भी सार्वजनिक मंच पर नहीं देखा गया है।

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