नयी बस्ती हिंदवाड़ में पुनर्वासित परिवारों से संवाद कर भावनात्मक एवं नैतिक सहयोग प्रदान किया गया
हिंदवाड़ के परिवारों से संवाद और पुनर्वास की समीक्षा
रणथंभौर बाघ परियोजना के तहत पुनर्वासित परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए विशेष संवाद पहल की गई। सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू ने विस्थापित परिवारों से मिलकर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका की चुनौतियों पर चर्चा की। इस पहल का उद्देश्य सकारात्मक बदलाव लाना और सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके सामाजिक-आर्थिक स्तर को सशक्त बनाना है।
जयपुर। रणथंभौर बाघ परियोजना के अंतर्गत मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक शारद प्रताप सिंह तथा उपवन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मानस सिंह के दिशा निर्देशन में सोशियोलॉजिस्ट ममता साहू द्वारा नई बस्ती हिंदवाड़ में हिंदवाड़ से विस्थापित होकर स्थापित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं, आजीविका, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यकताओं से जुड़े विषयों पर संवाद किया गया।
इस दौरान प्रत्येक परिवार से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी प्राप्त की गई। पुनर्वास के बाद परिवारों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों तथा बच्चों की शिक्षा के स्तर में हुए बेहतर परिणामों पर चर्चा की गई और साथ ही पुनर्वास के पश्चात सामने आ रही चुनौतियों के बारे में भी संवाद किया गया।
परिवारों ने भी खुलकर विस्थापन के बाद अपने जीवन में आए सकारात्मक परिणामों, जीवन शैली तथा सामाजिक स्तर में हुए सुधार के बारे में अपने अनुभव साझा किए। साथ ही उन्होंने वन विभाग द्वारा विस्थापित परिवारों से मिलकर संवाद करने की इस पहल को बहुत ही आवश्यक और सराहनीय बताया। उपवन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक मानस सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पुनर्वासित परिवारों के साथ निरंतर संवाद स्थापित करना, उनकी समस्याओं को समझना तथा उनके जीवन स्तर और बच्चों की शिक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में सहयोग सुनिश्चित करना है।
इस अवसर पर समुदाय को आपसी सहयोग, समन्वय तथा सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए भी जागरूक किया गया, ताकि पुनर्वासित परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हो सके।

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