मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने दिलाई तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ, कई अहम पदों पर दें चुके हैं अपनी सेवाएं
तरनजीत सिंह संधू ने ली दिल्ली के एलजी पद की शपथ
पूर्व राजदूत तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली के नए उपराज्यपाल (LG) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। विनय कुमार सक्सेना का स्थान लेने वाले संधू के पास अमेरिका में भारत के राजदूत के रूप में कार्य करने का विशाल प्रशासनिक अनुभव है, जिससे दिल्ली के शासन में नई विशेषज्ञता आने की उम्मीद है।
नई दिल्ली। पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को लोक निवास में आयोजित एक आधिकारिक समारोह में दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें शपथ दिलाई।
इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, कैबिनेट के सदस्य, मुख्य सचिव और अमृतसर से आए उनके समर्थक मौजूद रहे। संधू ने विनय कुमार सक्सेना का स्थान लिया है, जिन्हें केंद्र सरकार ने अब लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले संधू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। संधू ने इस मुलाकात को सुखद बताया और कहा कि गृह मंत्री के साथ सार्वजनिक सेवा, प्रशासन और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।
गौरतलब है कि, 1988 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी के रूप में संधू ने फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के 28वें राजदूत के रूप में कार्य किया, जहाँ उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त, फ्रैंकफर्ट में महावाणिज्य दूत और कीव (यूक्रेन) में भारतीय दूतावास की स्थापना जैसे कई अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं।
वह फरवरी 2024 में सेवानिवृत्त होने के बाद वे भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे और उन्होंने अमृतसर से 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था। सेंट स्टीफंस कॉलेज और जेएनयू से शिक्षित संधू के लंबे प्रशासनिक अनुभव और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर से दिल्ली के शासन और नीतिगत मुद्दों में नई विशेषज्ञता आने की उम्मीद जताई जा रही है।

Comment List