शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक, लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना के लिए करें जागरूक: गहलोत

शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक, लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल की पालना के लिए करें जागरूक: गहलोत

शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक होते है। सभी शिक्षकगणों से निवेदन करता हूं कि अपने गांव एवं परिचित लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल, मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग एवं चिरंजीवी योजना के बारे में जागरुक करे।

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि शिक्षक समाज के पथ प्रदर्शक होते हैं, इसलिए इस आपदा के समय उनकी सामाजिक जिम्मेदारी अतिरिक्त बढ़ जाती है। मैं सभी शिक्षकगणों से निवेदन करता हूं कि अपने पड़ोस, गांव एवं परिचित लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल यथा मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग एवं चिरंजीवी योजना के बारे में जागरुक करें। गहलोत में कहा कि कोरोना महामारी के कारण शिक्षकों को ग्रीष्म अवकाश समयपूर्व दिया गया है। अधिकांश शिक्षक अपने घरों पर हैं। सभी शिक्षकगण समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए चिरंजीवी योजना में अधिक से अधिक लोगों का पंजीकरण करवाने का कार्य करें। 30 अप्रैल तक इस योजना में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले परिवारों को 1 मई से 5 लाख रुपए का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध होगा, जिसमें कोविड का इलाज भी शामिल है।

कहीं भी जाएं, मास्क लगाएं
मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों से अपील करते हुए अनुरोध किया है कि कोरोना की दूसरी लहर पर नियंत्रण के लिए जरुरी है, कि कहीं भी जायें, मास्क लगाएं, कोरोना प्रोटोकॉल की पालना करें, दो गज की दूरी रखें, बार-बार हाथ धोएं, बिना जरुरत घर से ना निकलें। नो मास्क-नो मूवमेंट में सहयोग करें।

पंचायती राज लोकतंत्र का आधार
गहलोत ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वराज के सपने को पूरा करने के लिए पण्डित जवाहरलाल नेहरू ने नागौर की धरती पर दीप प्रज्ज्वलित कर पंचायती राज की शुरुआत की थी। पंचायती राज लोकतंत्र का आधार है, आज पंचायती राज दिवस के अवसर पर हमें पंचायती राज संस्थाओं को और अधिक सशक्त करने की आवश्यकता है ताकि पंचायती राज की अवधारणा व उपयोगिता पूर्ण रूप से साकार हो सके।

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