पार्कों के बंद फाउंटेन में पनप रहा बुखार

घर-घर हो रहा सर्वे

पार्कों के बंद फाउंटेन में पनप रहा बुखार

पार्क में तीनों कॉर्नर में तीन फाउंटेन हैं और तीनों ही बंद है।

कोटा। ये तो उदाहरण मात्र है। शहर में ऐसे कई पार्क हैं जहां इसी तरह के हालात हैं। चिकित्सा विभाग जहां शहर में रोजाना सैकड़ों घरों में सर्वे कर पानी में जमा लार्वा व मच्छरों को साफ करवाने में जुटा है। वहीं दूसरी तरफ नगर निगम के पार्कों पर किसी का ध्यान नहीं है। जहां बंद फाउंटेन के गंदे पानी में जमा लार्वा व मच्छर बीमारियों को न्यौता दे रहे हैं। गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ ही स्कूलों में अवकाश हो गए हैं। ऐसे में अधिकतर परिवार सुबह-शाम बच्चों के मनोरंजन व सैर के लिए शहर के पार्कों में जा रहे हैं। जहां बच्चे झूला झूलने के साथ ही खेलने-कूदने का भी आनंद ले रहे हैं। पार्कों में चलने वाले रंग बिरंगे फाउंटेन देखने का भी लोगों में उत्साह रहता है। पार्कों मं बच्चों को झृले भी मिल रहे हैं और खेलने का आनंद थी। लेकिन हालत यह है कि अधिकतर पार्कों में फाउंटेन बंद हैं। उन्हें चालू करने पर तो किसी का ध्यान ही नहीं है। जिससे वहां आने वाले लोग उनका आनंद नहीं ले पा रहे हैं। वहीं फाउंटेन बंद होने से उनके पौंड में पानी भी गंदा हो रहा है। जिससे उनमें मच्छर व लार्वा पनप रहे हैं। उन फाउंटेन के पास ही सैर करने वाले लोगों का जमघट भी लगा रहता है। ऐसे में कई लोग वहां ठंडक होने पर बैठ भी रहे हैं। कुछ लोग वहां खाने-पीने का आनंद भी ले रहे हैं। लेकिन जाने-अनजाने में वहां से वे अपने साथ बीमारियां भी ले जा रहे हैं। 


नयापुरा थाने के पास और पूर्व महापौर डॉॅ. रत्ना जैन के घर के सामने स्थित उम्मेद पार्क में  फाउंटेन तो काफी समय से बंद है। जिससे उसके पौंड में गंदा पानी जमा हो रहा है। उस पानी में मच्छर व लार्वा पनप रहे हैं। उस फाउंटेन के पास ही लोग बैठे हुए हैं और घूम रहे हैं। जिससे वे बीमारियों का कारण बन रहे हैं। 


शहर के प्रमुख सीबी गार्डन में जहां रोजाना सैकड़ों लोग दूर दराज से घूमने और ताजी हवा लेने के लिए आ रहे हैं। उस पार्क के फाउंटेन के पानी में गंदा पानी जमा होने से उसमें मच्छर व लार्वा का अम्बार लगा हुआ है। उसके आस-पास लोग घूम रहे हैं और बीमारियों को अपने साथ ले जा रहे हैं। 

दुर्गंध व मच्छरों का आतंक
नयापुरा स्थित उम्मेद पार्क भले ही छोटा है। लेकिन शहर के बीच होने से यहां आस-पास के ही नहीं दूर-दूर से भी लोग घूमने के लिए आ रहे हैं। यहां सुबह-शाम तो घूमने वालों की भीड़ रहती ही है। दिन के समय भी यहां सबसे अधिक लोग घूमते देखे जा सकते हैं। उस पार्क के बंद फाउंटेन लोगों को निराश तो कर ही रहे हैं। साथ ही उनमें जमा गंदा पानी दुर्गंध फेला रहा है। साथ ही उस पानी में जमा लार्वा बीमारियों को बढ़ा रहा है। आस-पास मच्छरों का आतंक होने से लोगों को परेशान कर रहे हैं।  इस पार्क में तीनों कॉर्नर में तीन फाउंटेन हैं और तीनों ही बंद है। जिनमें से एक तो सूखा है जबकि दो में पानी भरा हुआ है वह भी गंदा। 

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नेहरु पार्क में भी फाउंटेन बंद
स्टेशन रोड स्थित नेहरु पार्क में भी दो जगह पर फाउंटेन लगे हुए हैं लेकिन हालत यह है कि ये दोनों ही फाउंटेन काफी समय से बंद हैं। उनका पानी तक सूख चुका है। जिससे उनमें मच्छर व लार्वा तो नहीं है लेकिन कचरे का ढेर लगा लगा हुआ है। जिससे यहां सिविल लाइंस व दोस्तपुरा से लेकर खेड़ली फाटक तक के लोग आते हैं। नगर निगम समेत कई  अन्य विभागों के सरकारी अधिकारी भी इस पार्क में आते हैं। 

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अधिकतर पार्कों के यही हालात
सिर्फ नेहरु पार्क या उम्मेद पार्क में ही ऐसी स्थिति नहीं है। भीमगंजमंडी स्थित शास्त्री पार्क हो या सीबी गार्डन। वहां भी यही हालत है। अधिकतर पार्क महापुरुषों के नाम पर बने हुए हैं लेकिन उनकी दुर्दशा लोगों को पीड़ा देने के साथ ही बीमारियों के वाहक भी बन रहे हैं। 

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उम्मेद पार्क शहर का पुराना पार्क है। यहां लोग घूमने व ताजा हवा के लिए आते हैं। गर्मी के सीजन में यहां अधिकतर परिवार अपने बच्चों को घुमाने के लिए ला रहे हैं। ऐसे में पार्क की दुर्दशा होना और बंद फव्वारों में गंदा पानी जमा होना सैर करने वालों के लिए कष्ट दायक है। संबंधित विभागों को पार्कों की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। 
- राकेश  माथुर, नयापुरा 

शहर में जितने भी पार्क बने हुए हैं वह चाहे नगर निगम के अधीन हो या नगर विकास न्यास के। ये पार्क लोगों के घूमने व बीमारियों से बचाने के लिए शुद्ध हवा देने का काम करते हैं। इन पार्कों में बीमारियां बांटी जा रही है यह गलत है। नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारियों को इस व्यवस्था में सुधार करना चाहिए। 
- सुनील सिंह, दोस्तपुरा

जयपुर से दोहिता और दोहिती गर्मी की छुट्टी में कोटा आए हुए हैं। उन्हें घुमाने के लिए पार्क में लेकर आए। लेकिन यहां स्प्रिंकलर तो चल रहे हैं। लेकिन फाउंटेन बंद है। उनमें भरा गंदा पानी दुर्गंध के साथ ही बीमारियों भी फेला रहे हैं। गर्मी की छुट्टी में अधिक लोग यहां घूमने आ रहे हैं। ऐसे में पार्कों  में साफ सफाई रखनी चाहिए। 
- शालिनी नामदेव, वल्लभ नगर

नगर निगम कोटा उत्तर में पार्कों का काम निगम और न्यास दोनों के ही पास है। पार्कों  में वैसे ही समय-समय पर काम करवाए जा रहे हैं। फिर भी यदि निगम के पार्कों में गंदगी है या गंदा पानी और मच्छर पनप रहे हैं तो उन्ें दिखवाकर साफ करवाया जाएगा। जिससे लोगों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। 
- मंजू मेहरा, महापौर

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