रिजर्व ईवीएम चोरी, सेक्टर ऑफिसर पॉलिटेक्रिक कॉलेज प्रधानाचार्य जाखड़ निलंबित

छह रिजर्व ईवीएम में से एक हुई गायब

रिजर्व ईवीएम चोरी, सेक्टर ऑफिसर पॉलिटेक्रिक कॉलेज प्रधानाचार्य जाखड़ निलंबित

पॉलिटेक्रिक कॉलेज के प्रधानाचार्य पंकज जाखड़ को जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। उनकी चुनावी ड्यूटी लगी थी और उन्हें सेक्टर ऑफिसर लगाया गया था।

जोधपुर। पॉलिटेक्रिक कॉलेज के प्रधानाचार्य पंकज जाखड़ को जिला निर्वाचन अधिकारी के आदेश पर निलंबित कर दिया गया है। उनकी चुनावी ड्यूटी लगी थी और उन्हें सेक्टर ऑफिसर लगाया गया था। उनके द्वारा चुनाव में घोर लापरवाही सामने आने पर निलंबित कर दिया। सेक्टर अधिकारी पंकज जाखड़ की तरफ से एक रिजर्व ईवीएम गायव होने संबंधी रिपोर्ट उदयमंदिर थाने में दर्ज करवायी गई थी। मगर सबसे बड़ी बात है कि पुलिस द्वारा इस कृत्य को छुपाकर रखा गया। सेक्टर अधिकारी के सस्पेंड होने के आदेश जारी होने के बाद मामला सामने आया।
 
दरअसल हाल में हुए विधानसभा चुनाव के लिए पॉलिटेक्रिक कॉलेज के प्रधानाचार्य पंकज जाखड़ की ड्यूटी लगी थी। उन्हें सेक्टर ऑफिसर लगाया गया था। चुनाव समाप्ति के बाद ईवीएम को पॉलिटेक्रिक कॉलेज में जमा करवाया जाता है। जाखड़ के पास में छह रिजर्व ईवीएम रखी हुई थी। मगर जब कॉलेज पर जमा करवाने की बात आई तो पता लगा कि एक रिजर्व ईवीएम गायब है। जोकि गिगती में कम पाई गई।
 
इस बारे में जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचना दी गई। तब उनके द्वारा पुलिस में पहले मामला दर्ज कराने को कहा गया। इस पर सेक्टर अधिकारी पंकज जाखड़ की तरफ से उदयमंदिर थाने में मामला दर्ज करवाया गया। दो दिन तक की जांच में ईवीएम का पता नहीं चलने पर जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने 26 नवंबर को एक आदेश जारी पंकज जाखड़ का निलंबित कर दिया। आज आदेश की प्रति बाहर आने पर मीडिया में भी हलचल पैदा हो गई।
 
उदयमंदिर थानाधिकारी प्रेमदान रत्नू ने बताया कि रिजर्व ईवीएम चोरी का प्रकरण दर्ज हुआ है। छह ईवीएम रिजर्व थी मगर उसमें से एक रिजर्व ईवीएम गायब होने पर चोरी का प्रकरण दर्ज करवाया गया है। पुलिस अब इस बारे में पता लगाने का प्रयास कर रही है।
 
पांच दिन तक पुलिस मामले का दबाए रखी
इसमें सबसे बड़ी बात है किसी प्रकार का केस दर्ज होने पर पुलिस की तरफ से मीडिया के लिए मॉनिँग रिपोर्ट जारी की जाती है। जिसमें जिले भर में हो रहे अपराधों का उल्लेख होता है। केस उसी दिन यानी 25 नवंबर को चुनाव वाले दिन दर्ज करा दिया गया था। मगर पुलिस की मॉर्निंग रिपोर्ट में इसका कोई जिक्र पांच दिन तक नहीं किया गया। पुलिस द्वारा मामले का छुपाया जाना तथ्य से परे लग रहा है। फिलहाल रिजर्व ईवीएम का पता लगाने का प्रयास कर रही है। 
 
 
 
 
 
 
 

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