अत्याधुनिक तकनीकों ने कैंसर के उपचार को बनाया पहले से बेहतर, मरीजों को मिल रही संजीवनी

अत्याधुनिक तकनीकों ने कैंसर के उपचार को बनाया पहले से बेहतर, मरीजों को मिल रही संजीवनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व कैंसर रिपोर्ट 2020 के अनुसार, भारत में 2018 में 1.16 मिलियन नए कैंसर के मामले देखे गए थे।

जयपुर। पिछले कुछ वर्षों में कैंसर भारत के लिए एक कठिन स्वास्थ्य चुनौती के रूप में उभरा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की विश्व कैंसर रिपोर्ट 2020 के अनुसार, भारत में 2018 में 1.16 मिलियन नए कैंसर के मामले देखे गए थे, और अब भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद का अनुमान है कि 2025 तक 29.8 मिलियन कैंसर के मामले होंगे। इस बढ़ते संकट को ख़त्म करने के लिए, ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में नई तकनीकों में तेजी आई है, जो कैंसर उपचार के पुराने नजरिए को बदलने में आशाजनक हैं।

नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में मेडिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेंट डॉ. रोहित स्वामी, कैंसर उपचार के विकल्पों को नया आकार देने में उभरती तकनीकी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हैं। वह इस बात पर जोर देते हुए बताते हैं कि "अत्याधुनिक तकनीक का विकास, कैंसर के देखभाल को बदलने के लिए बेहतर अवसर देती है, जो हमें कैंसर का पता लगाने, उपचार और संभावित इलाज के लिए विभिन्न उपकरण प्रदान करती है।"

इम्यूनोथेरेपी: एक गेम-चेंजर
कैंसर उपचार के नए बेहतर विकल्पों में से एक है इम्यूनोथेरेपी। डॉ. रोहित स्वामी ने इम्यूनोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए बताया कि, "इम्यूनोथेरेपी कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने के लिए शरीर के इम्युनिटी सिस्टम की जन्मजात शक्ति का लाभ उठाती है। इस बेहतर चिकित्सा विकल्प ने इम्युन सिस्टम को पहचानने और मजबूत बनाए रखने में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।"यह कैंसर कोशिकाओं को दोबारा शरीर में जन्म लेने नहीं देती और स्थायी सुरक्षा प्रदान करती है।"

प्रिसिजन मेडिसिन और टारगेटेड थेरेपी
आनुवंशिक जानकारी के आधार पर व्यक्तिगत उपचार पर फोकस करने वाली प्रिसिजन मेडिसिन, कैंसर देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। टारगेटेड थेरेपी, प्रिसिजन मेडिसिन का ही एक भाग है, जो सिर्फ कैंसर कोशिकाओं को खत्म करने की कोशिश करती है, जिससे सामान्य कोशिकाओं को नुकसान कम होता है। "नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में कंसल्टेंट मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रीति अग्रवाल के बताया कि, टारगेटेड थेरेपी को शामिल करते हुए प्रिसिजन मेडिसिन ने स्वस्थ कोशिकाओं पर दुष्प्रभावों को कम किया है और कैंसर
के उपचार में एक नए दौर को शुरू किया है।"

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हार्मोनल थेरेपी
हार्मोनल थेरेपी, खासकर स्तन और प्रोस्टेट कैंसर जैसे हार्मोन से प्रेरित कैंसर के इलाज में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डॉ. प्रीति अग्रवाल ने बताया कि, "हार्मोनल थेरेपी, हार्मोन के उत्पादन या प्रभाव को कम करके या पूरी तरह से रोक कर कैंसर के विकास और प्रसार को रोकती है।

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कार टी-सेल थेरेपी
कार टी-सेल थेरेपी कैंसर के उपचार की नई प्रक्रियाओं में से एक है, जिसे एक बेहतर सफलता के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. प्रीति अग्रवाल बताती हैं कि, "इस अत्याधुनिक थेरेपी में कैंसर कोशिकाओं को टारगेट करने और नष्ट करने के लिए रोगी की जेनेटिक इंजीनियरिंग आधारित टी कोशिकाओं का प्रयोग किया जाता है। री-प्रोग्राम की गई कोशिकाओं को फिर से रोगी में डाला जाता है, जो प्रभावी ढंग से रोगग्रस्त कोशिकाओं पर कब्जा कर लेती है और उन्हें खत्म कर देती है। आक्रामक कैंसर कोशिकाओं के इलाज के लिए इस प्रक्रिया का मानव परीक्षण पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में चल रहा है।"

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पर्सनलाइज्ड ट्रीटमेंट
कई थेरेपी का विकल्प विभिन्न कारकों पर निर्भर करता है, जिसमें कैंसर का प्रकार, उसकी अवस्था और रोगी की मेडिकल हिस्ट्री शामिल है। व्यक्तिगत उपचार की योजनाओं के महत्व पर जोर देते हुए कहती हैं कि, "संपूर्ण जाँच और निदान के बाद, मेडिकल टीम सबसे उपयुक्त प्रक्रिया का चयन करती है। कुछ मामलों में अच्छे परिणामों के लिए सर्जरी और रेडिएशन सहित कई उपचारों के संयोजन की सलाह दी जाती है।"

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