अधूरा सड़क निर्माण चालकों के लिए बना सिरदर्द

चेतावनी का संकेतक नहीं होने से गुमराह हो रहे राहगीर

अधूरा सड़क निर्माण चालकों के लिए बना सिरदर्द

अधूरी सड़क लोगों को राहत देने के बजाय दुर्घटनाआें का कारण बन गई है।

रावतभाटा। एक साल से अधिक समय से बन रहा रावतभाटा-कोटा सड़क मार्ग राहगीरों के लिए अब सिरदर्द बन चुका है। निर्माण कार्य इतनी धीमी गति से चल रहा है कि 1 साल से अधिक समय से पूरा होने का नाम नहीं ले रहा। सड़क पर छोड़े अधूरे खंड के कारण लोग लोग आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। मंगलवार को भी दो बाइक सवार युवक इस अधूरे खंड के कारण दुर्घटना का शिकार हो गए। जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। तब भी प्रशासन की ओर से कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। साथ ही अधूरे खंड पर कोई चेतावनी संकेतक नहीं होने से वाहन चालक अधूरे छोड़े खंड के गड्ढे में गिरकर चोटिल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार रावतभाटा-कोटा मार्ग का निर्माण कार्य 1 साल से भी अधिक समय से चल रहा है। इस सड़क निर्माण में कई बाधाएं आती रहीं। कभी पुलिया का निर्माण देर से होना, कभी वन विभाग की एनओसी नहीं मिलना आदि कारणों से यह सड़क आज तक अधूरी है। यह अधूरी सड़क लोगों को राहत देने के बजाय दुर्घटनाआें का कारण बन गई है। उप जिला अस्पताल के सामने, बालाजी नगर गणेश नगर के अंदर से आती हुई सड़क जो मुख्य सड़क से मिलती है पर छोड़ा गया खंड आदि ऐसे स्थान हैं जहां आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं।  

बाइक सवार हुए गंभीर घायल
मंगलवार को बाडौली से रावतभाटा की तरफ आ रहे अभिषेक पांडे 25 और उनके साथी अजय यादव जीएसएस स्टेशन के सामने अधूरे निर्माण में छोड़े गए सड़क के मध्य खंड को रोड समझकर दुर्घटना के शिकार हो गए। जहां पर दुर्घटना हुई, उससे पहले या रोड के बीच कहीं भी कोई सांकेतिक चिन्ह नहीं था। इसी के चलते अभिषेक पांडे की बाइक दुर्घटना में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों बाइक सवारों को काफी चोटें आर्इं। जिसमें अभिषेक पांडे के सिर और नाक पर गंभीर चोट लगी। जिन्हें अन्य व्यक्तियों की सहायता से उप जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

अधूरे खंड पर नहीं लगाए गए सांकेतिक चिन्ह
इस सड़क के निर्माण कार्य में देरी व कछुआ चाल से चलने के बावजूद दुर्घटना की चेतावनी के सांकेतिक चिन्ह तक नहीं लगाए गए। निरंतर इस रोड पर आवागमन चलता रहता है, जो दुर्घटनाओं को न्योता देता है। सड़क निर्माण कार्य को चलते काफी लंबा अरसा हो जाने के उपरांत भी ठेकेदार द्वारा छोड़े गए खंड को लेकर न तो कोई व्यवस्था की गई कि यह क्यों छोड़े गए हैं और ना ही कहीं कोई दुर्घटना की चेतावनी के सांकेतिक चिन्ह लगाए गए। पूर्व में भी सड़क निर्माण के दौरान कई बाइक सवार दुर्घटनाग्रस्त हो चुके हैं। लेकिन ना तो प्रशासन जागा और ना ही ठेकेदार ने राहगीरों को दुर्घटनाओं से बचाने के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की है। 

इस सड़क मार्ग का निर्माण कार्य चलते हुए लगभग 1 साल से ऊपर हो गया है। लेकिन धीमी रफ्तार व सड़क मार्ग पर छोड़े गए खंडों के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जिसमें पूर्व में 4 महीने पहले बाइक सवार दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका कोटा मेडिकल कॉलेज में काफी दिनों तक इलाज चला।
- शुभम सोनी, पूर्व नगर अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद

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पूर्व में भी इसी सड़क मार्ग पर मेरे साथी मित्र की दुर्घटना में गंभीर चोट आई थी। परंतु उस बात को भी 4 महीने बीत गए। ना तो प्रशासन ने इस सड़क मार्ग पर कोई दुर्घटना सांकेतिक चिन्ह लगाए और ना ही निर्माण में छोड़े गए खंड पर किसी भी प्रकार का कोई डिमार्केशन किया गया। 
- मोहित कसेरा, रावतभाटा निवासी 

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इनका कहना है
अधूरे खंड को नगर पालिका ने रोड के मध्य पानी की निकासी के लिए नाले के रूप में छुड़वाया है। लेकिन ना तो नगर पालिका द्वारा इन अधूरे खंड का कोई भी निर्णय लेकर कुछ किया गया और ना ही ठेकेदार द्वारा इनको बंद किया गया। ऐसे में यह अधूरे खंड आम जनता के लिए दुर्घटना का निरंतर कारण बन रहे हैं।
- उदयभान, जेईएन, पीडब्ल्यूडी

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जो खण्ड छोड़ा गया है, वहां नाले में पाइप डालने है। पूर्व में आचार संहिता लगने के कारण काम पेंडिंग रह गया था। अब नया प्रस्ताव लेकर यह काम शुरू करेंगे।
- कमलेश कुमार कुलदीप, कार्यवाहक ईओ नगर पालिका  रावतभाटा

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