बढ़ रहे डॉग बाइट के केस, आचार संहिता में अटके टेंडर

नगर निगम न तो बधियाकरण करवा रहा और न हो रहा वैक्सीनेशन

बढ़ रहे डॉग बाइट के केस, आचार संहिता में अटके टेंडर

ऐसे में सुबह या दिन के समय चार-पांच श्वान का झुंड कुछ खा रहा होता है या फिर बैठे होते हैं तो बच्चों, किशोर को देखते ही एकदम आक्रामक हो जाता है।

कोटा। शहर में इन दिनों आवारा श्वानों का रवैया काफी खतरनाक हो गया है। तभी तो पिछले 15 दिनों में ही श्वान  के लोगों को कटाने के 8-10 हादसे सामने आ चुके हैं। इनमें से कुछ हादसे तो दोपहर और सुबह के समय के ही है। रात के समय आवारा श्वान का बाइक या कार चालकों को पीछे दौड़ना सामाना बात हो गई है। मगर सुबह-सुबह या दिन के समय छोटे बच्चों व किशोरों पर हमला करना और नोंच-नोंच कर घायल कर देने की घटनाएं ज्यादा हुई है। जो स्वाभाविक नहीं है। इन सबके बावजूद लोकसभा चुनाव के कारण लगी आचार संहिता के चलते नगर निगम न तो आवारा श्वानों का बधियाकरण करवा पा रहा है और न ही इनको पकड़ने की कार्रवाई हो रही है। ऐसे में शहर के लोगों में आवारा श्वान का भय बढ़ता जा रहा है।

तेज गर्मी से दिन में ही हो रहे ज्यादा खतरनाक
इन दिनों तेज गर्मी है और श्वान को इंसानों की अपेक्षा ज्यादा गर्मी लगती है। वहीं यह इनका प्रजनन का समय भी चल रहा है। ऐसे में सुबह या दिन के समय चार-पांच श्वान का झुंड कुछ खा रहा होता है या फिर बैठे होते हैं तो बच्चों, किशोर को देखते ही एकदम आक्रामक हो जाता है और उन पर हमला कर देता है। वैसे भी उसकी प्रवृत्ति ही काटने की होती है। 

रात के समय सड़कों पर रहते हैं झुंड में बैठे
आवारा श्वान का खौफ बहुत ज्यादा है। रात के समय सड़कों पर एक के बाद किनारे पर या फुटपाथ के पास में बैठे रहते हैं। जैसे ही दुपहिया वाहन चालक को देखते हैं, उसकी तरफ झपट पड़ते हैं। यदि चालक वाहन की स्पीड कम करके या रुककर इनसे बच निकलता है। हालांकि कई बार वाहन की गति धीमी होने पर भी ये चालक को काट लेते हैं। 

शहर में अब तक  श्वान के काटने की हुई घटनाएं
- विज्ञान नगर क्षेत्र में पांच लोगों पर हमला कर किया था जख्मी।
- रात 10 बजे के पास अंबेडकर कॉलोनी के सामने युवक को काटा।
- सुबह के समय विधायक कॉलोनी, पावर हाउस के पास एक 10 वर्षीय बालक पर हमला। 
- एक 15 वर्षीय किशोर को पैर में काटा, अस्पताल में कराया भर्ती।

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अभी दो-तीन दिन पहले ही मैं रात के समय घर आ रहा था। हालांकि ज्यादा रात नहीं हुई थी। यही कोई 8 बजे होंगे। सड़क पर बैठे चार-पांच श्वानों मेरे मुझे देखते ही बाइक पर के साथ दौड़ने लगे। यह देखकर मैंने बाइक को रोक दिया। इतने में मौका पाकर एक डॉग ने मुझे पैर पर काट लिया। 
-देवांग दाधीच, सिद्धी प्रिया कॉलोनी स्टेशन

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दोपहर के समय तेज धूप होने से सन्नाटा पसरा हुआ था। मैं पैदल ही जा रहा था। तभी अचानक एक श्वान भागता हुआ पीछे से आया और मुझे काटने ही वाला था। तभी मैंने पीछे देखा और जोर से चिल्लाते हुए उसे भगा दिया। यहां पर आवारा श्वानों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसको लेकर शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
-विमल शर्मा, अंबेडकर कॉलोनी, स्टेशन

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चल रहा है प्रजनन का समय
श्वानों की वैसे तो काटने की प्रवृति होती ही है। अभी गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और इन दिनों श्वानों का प्रजनन का समय होने के कारण इनके अंदर ज्यादा गर्मी रहती है। ऐसे में एक साथ चार-पांच के झुंड में रहते हैं और इंसान को देखते ही उस पर झपट पड़ते हैं।
-डॉ. बनवारी जांगिड़, पोलिक्लिनिक, मोखापाड़ा

कलक्टर से मिलकर मांगेंगे अनुमति
शहर में इन दिनों आवारा श्वानों के लोगों को काटने की घटनाएं काफी सामने आई हैं। इस संबंध में अगले एक-दो दिन में कलक्टर से मुलाकात करेंगे और समस्या से अवगत कराया जाएगा। साथ ही निर्वाचन विभाग से इस मसले में अनुमति मांगी जाएगी, यदि अनुमति मिल जाती है तो शीघ्र ही टेंडर करवाकर लोगों को राहत देने के प्रयास किए जाएंगे।
-राजीव अग्रवाल, महापौर

नहीं दिया स्पष्ट जवाब
श्वान के काटने के मामले में जब आयुक्त सरिता से फोन पर बात की तो उन्होंने इन सब से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि मुझे इस बारे में कुछ भी पता नहीं है। मामले को दिखाकर आपसे बाद में बात करूंगी।

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