10 सर्कुलर रोड विवाद: राजद बोला- विपक्ष का अपमान कर रही सरकार, नियमों की मनमानी व्याख्या करने का लगाया आरोप
राबड़ी देवी का बंगला खाली कराने पर बवाल
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड आवास को खाली करने संबंधी नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार ने उन लोकतांत्रिक मूल्यों को छोड़ किया है, जिसके बिना लोकतांत्रिक व्यवस्था की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। राजद प्रवक्ता चितरंजन गगन ने बयान जारी कर कहा है कि राबड़ी देवी विगत 20 वर्षों से उस आवास में रहती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री होने के अलावा आज भी वह बिहार विधान परिषद में नेता विरोधी दल हैं। फिर ऐसी कौन सी स्थिति आ गई जो उन्हें 10, सर्कुलर रोड बंगले के बदले दूसरा आवास आवंटित किया गया है।
राजद प्रवक्ता ने सरकार और सत्ताधारी दल के नेताओं की ओर से दिए जा रहे नियमों के हवाले को हास्यास्पद बताते हुए जानना चाहा है कि जब विधानसभा अध्यक्ष के नाम पर 1977 से हीं कर्णांकित 2, देशरत्न मार्ग बंगले को मंत्री के नाम आवंटित किया जा सकता है, उप मुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, सर्कुलर रोड बंगले को मुख्यमंत्री आवास का हिस्सा बनाया जा सकता है और विधानसभा अध्यक्ष तथा उप मुख्यमंत्री के लिए दूसरे बंगले का आवंटन किया जा सकता है, तो राबड़ी देवी के बंगले में किस नियम की दुहाई दी जा रही है।
गगन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई सांसदों को दिल्ली के अतिरिक्त पटना में भी बड़े-बड़े बंगले आवंटित किये गए हैं, लेकिन इस सरकार सिर्फ राबड़ी देवी का अपमान करना है। उन्होंने कहा कि सरकार बताये कि 10, सर्कुलर रोड के बदले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष को दूसरा आवास आवंटित किए जाने का औचित्य क्या है। राजद प्रवक्ता ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना गया है। पर वर्तमान सरकार प्रदेश में विपक्ष के नेता के साथ निकृष्ट व्यवहार कर रही है। उन्होंने कहा कि यह सवाल महज एक आवास का नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादा और व्यवस्था का है। उन्होंने कहा कि सरकार का मतलब यह नहीं है कि वह अपने अनुकूल नियम बनाएं और अपनी इच्छा से उसकी व्याख्या करें। उन्होंने कहा कि राबड़ी देवी के आवास को खाली करवाने के मामले में सरकार की मनसा संदेह के घेरे में है।

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