असम चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा नुकसान, पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने पार्टी से इस्तीफा दिया, भाजपा में हो सकते हैं शामिल
असम: चुनाव से पहले भूपेन बोरा का इस्तीफा
असम कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेन बोरा ने चुनावों से ठीक पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 32 साल पार्टी को देने वाले बोरा ने अपने भविष्य के कदमों पर सस्पेंस बरकरार रखा है।
गुवाहाटी। असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने चुनाव से कुछ ही महीने पहले पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बोरा जुलाई 2021 से प्रदेश में पार्टी का नेतृत्व कर रहे थे, उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के बड़े नेताओं जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी शामिल हैं, को भेज दिया है। उन्होंने 2006 से 2016 तक असम विधानसभा में बिहपुरिया सीट का प्रतिनिधित्व किया था। पार्टी से इस्तीफा देने के बाद बोरा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से अपना नाम भी हटा दिया।
भूपेन बोरा का यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब असम में कांग्रेस ने राज्य भर के लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए बदलाव की यात्रा शुरू की थी। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रोंगानोडी सीट से कांग्रेस टिकट के एक बड़े दावेदार भी थे, वह प्रदेश पार्टी अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ परिवर्तन यात्रा में सक्रिय रूप से हिस्सा ले रहे थे।
भूपेन बोरा ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, मैंने अपना इस्तीफ़ा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े को भेज दिया है, और मैंने अपने कारण विस्तृत में बताये हैं। मैंने अपनी जिंदगी के 32 साल पार्टी को दिये हैं, और जाहिर है, मैंने राजनीति से रिटायरमेंट लेने के लिए इस्तीफ़ा नहीं दिया है। उन्होंने कहा कि इस पुरानी पार्टी के भविष्य को लेकर कुछ कारण हैं और उन्होंने पार्टी हाईकमान को अपने इस्तीफ़े के कारण बता दिये हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा में शामिल होंगे, बोरा ने कहा कि उन्होंने अभी अपने भविष्य के कदम के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया है। उन्होंने कहा, मैंने आपको वह सब कुछ बता दिया है, जो मैं बता सकता था। हालांकि, अभी तक किसी भी पार्टी ने मुझे कुछ भी ऑफऱ नहीं किया है। मैं जो भी फ़ैसला लूंगा, मैं असम के लोगों को सही समय पर बता दूंगा।
पार्टी के अदंरूनी लोगों ने इशारा किया कि पार्टी के आम कार्यकर्ता के बीच राय में मतभेद हैं। हाल ही में, पार्टी हाईकमान ने हालांकि बोरा को दूसरी क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों के साथ गठबंधन से जुड़े मामलों को देखने के लिए कहा था, लेकिन गौरव गोगोई के करीबी कुछ दूसरे पार्टी नेताओं के दखल से उन्हें नुकसान हुआ है।

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