आयतुल्लाह खामेनेई की मौत पर भारत की चुप्पी पर सोनिया और राहुल गांधी की दो टूक, सरकार की चुप्पी को "कमजोर विदेश नीति" दिया करार
राहुल और सोनिया गांधी ने सरकार को घेरा
विपक्ष के नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी ने ईरानी नेता खामेनेई की हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी को "कमजोर विदेश नीति" करार दिया है। सोनिया गांधी ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और 'लक्षित हत्या' बताते हुए कहा कि तटस्थ रहना जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ना है। उन्होंने भारत को नैतिक शक्ति और संप्रभुता के लिए खड़े होने की सलाह दी।
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष तथा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी के ईरान की नेता आयतुल्लाह खामेनेई के मारे जाने पर भारत की प्रतिक्रिया को लेकर लिखे एक लेख को शेयर करते हुए कहा है कि ईरानी नेता के अमेरिकी हमले में मारे जाने की घटना पर भारत की चुप्पी अविश्वसनीय और कमजोर विदेश नीति का परिणाम है।
राहुल गांधी ने श्रीमती गांधी का लेख सोशल मीडिया एक्स पर शेयर मंगलवार को शेयर करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर सरकार का रुख विश्वसनीय और भारतीय परंपरा के अनुकूल नहीं है। मोदी सरकार का यह रुख उसकी विदेश नीति पर सवाल खड़े करता है। सोनिया गांधी ने एक अंग्रेजी दैनिक में छपे अपने लेख में ईरानी नेता की मौत को लक्षित हत्या करार दिया और कहा कि इस पर मोदी सरकार की चुप्पी उसकी विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करते है। उन्होंने लिखा 'ईरान के नेता की हत्या पर मोदी सरकार की चुप्पी तटस्थता नहीं ब्लकि जिम्मेदारियां से पल्ला झाड़ना है।
उन्होंने आगे लिखा कि जब किसी विदेशी नेता की लक्षित हत्या पर हमारा देश संप्रभुता या अंतरराष्ट्रीय कानून का कोई स्पष्ट बचाव नहीं करता और निष्पक्षता का छोड़कर कर चुप रहता है, तो इससे हमारी विदेश नीति की दिशा और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इस स्थिति में चुप रहना बिल्कुल तटस्थता नहीं है। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख ने कहा "इस नाजुक वैश्विक परिदृश्य पर भारत को संप्रभुता और शांति के लिए खड़ा होना चाहिए और अपनी नैतिक शक्ति को पुनः प्राप्त करना चाहिए।"

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