पश्चिम बंगाल के फाल्टा में बंपर वोटिंग: एक बजे तक 60.43 प्रतिशत वोटिंग, मतदान के बाद क्या बोले वोटर?

फाल्टा विधानसभा में शांतिपूर्ण पुनर्मतदान

पश्चिम बंगाल के फाल्टा में बंपर वोटिंग: एक बजे तक 60.43 प्रतिशत वोटिंग, मतदान के बाद क्या बोले वोटर?

पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में सभी 285 बूथों पर पुनर्मतदान जारी है। ईवीएम विवाद के बाद चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे इस मतदान में दोपहर 1 बजे तक 60.43 प्रतिशत भारी वोटिंग दर्ज की गई। केंद्रीय बलों की 35 कंपनियों की तैनाती के कारण मतदाता बिना किसी डर के वोट डाल रहे हैं।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में हो रहे पुनर्मतदान में गुरुवार अपराह्न 13 बजे तक 60.43 प्रतिशत मतदान हुआ है। मतदान सुबह सात बजे शुरू हो गया था और शाम सात बजे तक चलेगा। चुनाव आयोग ने 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के दौरान कई शिकायतों के बाद फाल्टा विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान का आदेश दिया था। फाल्टा के कई हिस्सों से आरोप सामने आए थे कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिह्न कथित तौर पर टेप और अन्य सामग्रियों से ढका हुआ था, जिससे व्यापक विवाद पैदा हो गया था। इसके जवाब में, आयोग ने विधानसभा क्षेत्र के सभी 285 मतदान केंद्रों पर नए सिरे से मतदान कराने का निर्देश दिया।

पूरे निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता पूरे उत्साह के साथ मतदान में भाग ले रहे हैं। खंडालिया हाई स्कूल के मतदान केंद्र संख्या 252 पर सुबह से ही मतदाताओं की अपने मताधिकार को इस्तेमाल करने के लिए लंबी कतारें देखी गईं। मतदाताओं ने कहा कि मतदान प्रक्रिया शांत रही, जिससे वे बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से अपना वोट डाल सके। कई मतदाताओं ने दावा किया कि पिछले चुनावों के दौरान डर और जबरदस्ती के माहौल के कारण वे कई वर्षों से स्वतंत्र रूप से अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर पा रहे थे। इस बार बिना किसी बाधा के लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने पर कई लोगों ने राहत व्यक्त की।

एक मतदाता ने अपना वोट डालने के बाद कहा, "वर्षों बाद पहली बार हमने बिना किसी भय के वोट दिया है। आखिरकार ऐसा महसूस हो रहा है कि लोग अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का स्वतंत्र रूप से प्रयोग कर सकते हैं।" पूरे निर्वाचन क्षेत्र में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 35 कंपनियों की तैनाती के साथ सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गयी है। सुचारू और पारदर्शी मतदान प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालयों की कड़ी निगरानी में मतदान कराया जा रहा है। इस बीच, फाल्टा से तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान, जिन्होंने मतदान से कुछ दिन पहले ही दौड़ से खुद को अलग कर लिया था, पुनर्मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे।

खान निर्वाचन क्षेत्र में कहीं दिखाई नहीं दिए, जबकि उनका आवास और स्थानीय पार्टी कार्यालय दोनों बंद पाए गए। निवासियों और मीडिया कर्मियों द्वारा बार-बार कोशिश करने के बावजूद उनसे। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया कि पहले के चुनावों में खान के समर्थकों द्वारा उन्हें मतदान देने से रोका गया था। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि उन्हें पहले उनकी उंगलियों पर अमिट स्याही लगाए जाने के बाद भी मतदान केंद्रों से वापस भेज दिया गया था, जिससे वे अपना वोट नहीं डाल पाए थे।

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