वाप्कोस निविदा घोटाला: 11 करोड़ की धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने की छापेमारी, कई अहम दस्तोवज जब्त
सीबीआई की बड़ी कार्रवाई: वाप्कोस निविदा घोटाले में छापेमारी
सीबीआई ने की सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड में 11 करोड़ रुपये की निविदा अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी। प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे सहित सात लोगों पर आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का आरोप। इमली प्रसंस्करण इकाई के ठेके में हुई मिलीभगत की जांच। सीबीआई ने जब्त किए दस्तावेज।
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लखनऊ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रम वाप्कोस लिमिटेड के अधिकारियों से जुड़ी निविदा अनियमितता के संबंध में उत्तर प्रदेश और ओडिशा में छापेमारी की है। अधिकारियों के अनुसार, सीबीआई ने 20 फरवरी को सात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। इनमें वाप्कोस के प्रोजेक्ट मैनेजर पंकज दुबे और भुवनेश्वर में तैनात दो अन्य अधिकारी भाबद्युति भूटिया और अभिषेक ठाकुर शामिल हैं।
यह मामला ओडिशा के रायगढ़ा जिले में इमली प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने के लिए उत्तर प्रदेश के ठेकेदार बबलू सिंह यादव को मिलीभगत से 11 करोड़ रुपये से अधिक का अनुबंध दिये जाने से संबंधित है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि पंकज दुबे भ्रष्ट गतिविधियों में लिप्त था। उसने अपने भाई पवन दुबे, बिचौलिया गोपाल मिश्रा, वाप्कोस के साथी अधिकारियों भूटिया और ठाकुर तथा ठेकेदारों बबलू सिंह यादव एवं रामेश्वर चतुर्वेदी के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची थी। माना जा रहा है कि आरोपियों ने परियोजना के क्रियान्वयन में अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए मिलीभगत की थी। तलाशी में जब्त किये गये दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों का सीबीआई परीक्षण कर रही है।

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