BSNL डायरेक्टर का ‘रॉयल’ प्रयागराज दौरा पड़ा भारी, मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जारी किया नोटिस, जानें पूरा मामला
BSNL का 'रॉयल प्रोटोकॉल' विवाद: शाही आवभगत पर गिरी गाज
प्रयागराज दौरे के लिए BSNL अधिकारी ने बनाया 'लॉजिस्टिक्स प्लान'। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रद्द किया दौरा। सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर सख्त नाराजगी। संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी।
उत्तर प्रदेश। प्रयागराज दौरे को लेकर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) के एक वरिष्ठ अधिकारी पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कंपनी के डायरेक्टर विवेक बंज़ल के प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए तैयार किए गए विस्तृत प्रोटोकॉल ने ऐसा विवाद खड़ा किया कि केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस पूरे प्लान को “गलत”, “चौंकाने वाला” और “मंज़ूर नहीं” करार देते हुए साफ कहा कि तय नियमों और परंपराओं का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विवाद की शुरुआत एक इंटरनल ऑफिस ऑर्डर से हुई, जिसमें प्रस्तावित प्रयागराज दौरे के लिए 50 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियाँ सौंपी गई थीं। दस्तावेज़ में रेलवे स्टेशन रिसेप्शन से लेकर त्रिवेणी संगम पर स्नान, मंदिर दर्शन, भोजन, आवागमन और व्यक्तिगत लॉजिस्टिक्स तक का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम दर्ज था। यहां तक कि ‘स्नान किट’—जिसमें तौलिए, अंडरगारमेंट्स और पर्सनल केयर आइटम शामिल थे—की व्यवस्था के निर्देश भी दिए गए थे।
यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल होते ही “रॉयल प्रोटोकॉल” के नाम से आलोचना का विषय बन गया। यूज़र्स ने सवाल उठाया कि वित्तीय दबाव से जूझ रही सरकारी कंपनी के संसाधनों का उपयोग इस तरह क्यों किया जा रहा है। बढ़ते विरोध के बीच मंत्री ने संबंधित अधिकारी को सात दिन में जवाब देने का कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस प्रकरण को हल्के में नहीं लिया जाएगा, क्योंकि इससे संस्थागत साख पर असर पड़ता है। विवाद गहराने के एक दिन के भीतर ही प्रयागराज दौरा रद्द कर दिया गया। BSNL के प्रवक्ता ने कार्यक्रम रद्द होने की पुष्टि की, हालांकि विवाद पर टिप्पणी करने से परहेज़ किया।
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है—क्योंकि यह मामला केवल एक दौरे का नहीं, बल्कि जवाबदेही और पारदर्शिता का भी है।

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