ई-मोबिलिटी से दिल्ली होगा प्रदूषण मुक्त, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 200 नयी ई-बसों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
ग्रीन दिल्ली: सीएम रेखा गुप्ता ने 200 इलेक्ट्रिक बसों को दी हरी झंडी
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 200 नई इलेक्ट्रिक बसों को रवाना कर राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने की ओर बड़ा कदम उठाया है। इसके साथ ही दिल्ली-रोहतक ई-बस सेवा का शुभारंभ हुआ। अब दिल्ली 4,500 ई-बसों के साथ देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस बेड़ा वाला शहर बन गया है।
नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त दिल्ली के निर्माण की दिशा में हरित पहलों को जारी रखते हुए शुक्रवार को पूर्वी विनोद नगर स्थित परिवहन निगम के डिपो से 200 नयी इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर दिल्ली-रोहतक के बीच अंतरराज्यीय ई-बस सेवा का भी उद्घाटन किया गया जबकि मदनपुर खादर बस टर्मिनल को जनता को समर्पित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह, संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के निरंतर प्रयासों के अंतर्गत उनकी सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश और राष्ट्रीय राजधानी विकास की नयी ऊंचाइयों की ओर निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार की इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ वातावरण एवं आधुनिक परिवहन सुविधाएं प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि आज का दिन विशेष है क्योंकि चार प्रमुख परियोजनाओं का एक साथ उद्घाटन किया गया है।
रेखा गुप्ता ने बताया कि नयी बसों की बड़ी संख्या दूरदराज एवं संकरी गलियों तक पहुंचकर आम नागरिकों को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करेगी। दिल्ली-रोहतक अंतरराज्यीय बस सेवा के शुभारंभ से क्षेत्रीय संपर्क भी मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनकी सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति देश की सबसे प्रभावी एवं व्यापक नीतियों में से एक है। उनका कहना है कि अगले चार वर्षों के लिए 4,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है जिसके अंतर्गत न केवल निजी वाहनों को सड़क कर में छूट देकर प्रोत्साहित किया जा रहा है बल्कि स्कूल बसों एवं वाणिज्यिक वाहनों को चरणबद्ध तरीके से इलेक्ट्रिक वाहनों में परिवर्तित करने की योजना भी तैयार है।
पर्यावरण के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दोहराते हुए सुश्री गुप्ता ने घोषणा किया कि पर्यावरण की रक्षा के लिए भविष्य में ई-वाहनों की बैटरियों के वैज्ञानिक निपटान को सुनिश्चित करने के लिए शहर में जल्द ही एक विशाल 'ईवी अपशिष्ट निपटान संयंत्र' स्थापित किया जाएगा।
डॉ. सिंह ने कहा कि ये सभी पहलें दिल्ली के लोगों को सुरक्षित, सुलभ और विश्व स्तरीय परिवहन सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में राजस्व में लगभग 173 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है जो डीटीसी परिवार के अथक परिश्रम का परिणाम है।
उन्होंने आगे कहा, "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि बेहतर कनेक्टिविटी दिल्ली के हर कोने तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को अधिकार के रूप में गुणवत्तापूर्ण परिवहन सुविधाएं प्राप्त हों।" गौरतलब है कि 200 नयी बसों के जुड़ने से राजधानी में बसों का कुल बेड़ा 6,300 से अधिक हो गया है जिसमें 4,500 इलेक्ट्रिक बसें शामिल हैं जिससे दिल्ली देश में सबसे बड़े इलेक्ट्रिक बस बेड़े वाला शहर बन गया है।

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