केटीआर का गंभीर आरोप, बोलें-किसानों की आत्महत्याएं चिंताजनक हैं, इसके लिए जिम्मेदार है रेवंत सरकार
केटीआर ने कांग्रेस सरकार को बताया 'अक्षम'
केटीआर ने आदिलाबाद, मेडक और भूपालपल्ली में किसानों की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कर्ज माफी और निवेश सहायता में विफलता के लिए मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना साधा।
हैदराबाद। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव ने बुधवार को तेलंगाना में एक ही दिन में तीन किसानों की आत्महत्या की घटना को बेहद चिंताजनक बताया और बिगड़ते कृषि संकट के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार को दोषी ठहराया। रामाराव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि आदिलाबाद, मेडक और जयशंकर भूपालपल्ली जिलों से किसान आत्महत्या की सामने आईं घटनाएं बताती हैं कि अविभाजित राज्य के समय जैसी संकटपूर्ण स्थितियां अभी भी पूरे तेलंगाना में बनी हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि किसानों की मौत का 'पाप' एक 'अक्षम' सरकार के कंधों पर है।
केटीआर ने मांग की कि राज्य सरकार भूपालपल्ली के कोडेला सदानंदम, मेडक के देवसोथ सर्वेश और आदिलाबाद के जाधव अंकुश के परिवारों को तुरंत 25 लाख रुपये का मुआवजा दे। उन्होंने कहा कि कथित तौर पर आत्महत्याओं के पीछे कर्ज के बोझ से दबने का मुख्य कारण है। उन्होंने कहा कि यह रेवंत सरकार द्वारा किए गये 'झूठे वादों' को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्ज माफी को प्रभावी ढंग से लागू करने में विफल रही। सरकार ने किसानों को निवेश सहायता उपलब्ध नहीं करायी और यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने में भी विफल रही, जिससे फसल की पैदावार प्रभावित हुई। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा कांग्रेस शासन में, तेलंगाना के किसानों के साथ अनाथों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
रामाराव ने कहा कि पिछले दो वर्षों में लगभग 900 किसानों ने आत्महत्या की है। उन्होंने सरकार पर संकट के प्रति उदासीन रहने का आरोप लगाया। उन्होंने किसानों से हिम्मत न हारने की अपील की और उनसे अगले तीन वर्षों तक धैर्य रखने का आग्रह किया और उनसे अगले चुनावों में कांग्रेस को हराने और तेलंगाना के कृषि क्षेत्र के लिए जिसे उन्होंने अच्छे दिन कहा, उसे वापस लाने का आह्वान किया।

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