25 मार्च को भी मनाया जाए श्री राम राज्याभिषेक, अभियान की होगी शुरुआत
इसी तिथि को भगवान श्री राम का राज्याभिषेक हुआ था
500 वर्षों के बाद प्रभु श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और धर्मध्वजा स्थापना के बाद 25 मार्च 2026 को पहली बार श्री राम राज्याभिषेक महोत्सव मनाने के लिए देशभर में अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य रामराज्य के आदर्श-न्याय, करुणा और समानता की प्रेरणा देना है। प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और धार्मिक नेता इस अभियान में भाग लेने के लिए आमंत्रित किए गए हैं।
जयपुर। देश में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद प्रभु श्री राम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा और धर्मध्वजा स्थापना के पश्चात अब पहली बार श्री राम राज्याभिषेक महोत्सव को लेकर व्यापक अभियान की शुरुआत की जा रही है। आयोजकों का कहना है कि चैत्र शुक्ल सप्तमी, 25 मार्च 2026 को भी श्री राम राज्याभिषेक का आयोजन किया जाना चाहिए, क्योंकि धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इसी तिथि को भगवान श्री राम का राज्याभिषेक हुआ था। इसलिए इस दिन को विशेष महत्व देना आवश्यक है।
श्री वृंदावन पीठ टाटियावास के कृष्णकांत शास्त्री ने बताया कि वाल्मीकि रामायण, पद्म पुराण, स्कंद पुराण, अग्निवेश रामायण सहित विभिन्न ग्रंथों में यह प्रमाण मिलता है कि चैत्र मास की सप्तमी तिथि को प्रभु श्री राम का राज्याभिषेक संपन्न हुआ। माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हुए प्रभु श्री राम ने 14 वर्षों का वनवास सहर्ष स्वीकार किया, जिसके कारण उस समय राज्याभिषेक नहीं हो सका। वनवास पूर्ण होने पर अयोध्या लौटने पर उत्सव मनाया गया, किंतु विधिवत राज्याभिषेक का पर्व इतिहास में नहीं मनाया गया।
अब, 500 वर्षों बाद राम मंदिर निर्माण पूर्ण होने और मंदिर में प्रतिष्ठा के पश्चात यह सौभाग्य वर्तमान पीढ़ी को प्राप्त हुआ है। इसी भावना के साथ 25 मार्च को भी श्री राम राज्याभिषेक महोत्सव मनाने के लिए देशभर में अभियान चलाया जा रहा है, ताकि यह तिथि सनातन समाज के लिए स्मरणीय और प्रेरणादायक बने।
इस अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा, श्री राम मंदिर ट्रस्ट अयोध्या, चारों पीठों के शंकराचार्य, संत-महंतों, कल्पवासियों और समस्त सनातन अनुयायियों से पत्र के माध्यम से सहभागिता का आग्रह किया जा रहा है।
आयोजकों का कहना है कि श्री राम राज्याभिषेक महोत्सव का उद्देश्य समाज को रामराज्य के आदर्श- न्याय, करुणा, समानता और सम्मान की ओर प्रेरित करना है, ताकि “सभी सुखी रहें, सभी निरोगी रहें” का संकल्प साकार हो सके।

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