PM मोदी के पास मन-की-बात के लिए समय है, किसान की बात सुनने का नहीं: प्रियांक खड़गे

कहा- सरकार ने किसानों से बात करने की जहमत नहीं उठाई

PM मोदी के पास मन-की-बात के लिए समय है, किसान की बात सुनने का नहीं: प्रियांक खड़गे

प्रियांक ने कहा, जिस तरह से उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर नाकेबंदी की है, उससे पता चलता है कि सरकार किसानों के मुद्दों को हल करने की इच्छुक नहीं है।

बेंगलुरु। कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पास मन-की-बात के लिए पर्याप्त समय है लेकिन किसान-की-बात सुनने के लिए उनके पास समय नहीं है।

प्रियांक ने कहा, जिस तरह से उन्होंने दिल्ली की सीमाओं पर नाकेबंदी की है, उससे पता चलता है कि सरकार किसानों के मुद्दों को हल करने की इच्छुक नहीं है। उन्होंने कहा,''प्रधानमंत्री के पास मशहूर हस्तियों को बधाई देने के लिए पर्याप्त समय है; उनके पास मन-की-बात के लिए पर्याप्त समय है, लेकिन किसान-की-बात सुनने के लिए उनके पास समय नहीं है।"

खड़गे ने कहा कि सिर्फ डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का मतलब यह नहीं है कि केंद्र सरकार ने किसानों की समस्या का समाधान कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उनसे बात करने की जहमत नहीं उठाई है। केंद्र सरकार को किसानों की कोई परवाह नहीं है। किसानों ने भारत रत्न के फैसले का स्वागत किया है, लेकिन वे डॉ. स्वामीनाथन की सिफारिशों की मांग कर रहे हैं।

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