मणिकर्णिका घाट जा रहे सपा नेताओं को पुलिस ने रोका, सांसद वीरेंद्र सिंह धरने पर बैठे
मणिकर्णिका घाट जाने से सपा नेता रोके गए
वाराणसी में मणिकर्णिका घाट जाने से सपा नेताओं को पुलिस ने रोका। सांसद वीरेंद्र सिंह समेत कई कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए, सुरक्षा कारणों से शहर में बैरिकेडिंग की गई।
वाराणसी। समाजवादी पार्टी (सपा) की ओर से सांसद वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में रविवार को कार्यकर्ताओं के साथ मणिकर्णिका घाट पर जाने की घोषणा की गई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन ने समाजवादी पार्टी के नेताओं को शहर के विभिन्न हिस्सों में रोक दिया और कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। समाजवादी पार्टी के चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह को भी पुलिस ने मणिकर्णिका घाट जाने से रोक दिया। अर्दली बाजार स्थित टैगोर टाउन कॉलोनी में अपने आवास के बाहर वे कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठ गए।
वीरेंद्र सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल मणिकर्णिका घाट जाकर मूर्तियों के तोड़े जाने का सच जानना चाहता था। पहले हमें कुछ लोगों के साथ जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन बाद में जगह-जगह बल लगाकर कार्यकर्ताओं को घर में नजरबंद कर दिया गया। मैं जैसे ही अपने आवास से बाहर निकला, मुझे भी रोक दिया गया। सरकार और जिला प्रशासन आखिर कौन-सा सच छिपाना चाहता है। आखिर घाट पर जाने से क्यों रोका जा रहा है।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त नीतू कात्यायन ने बताया कि सांसद वीरेंद्र सिंह का आवास है, उसी से कुछ दूरी पर वे कार्यकर्ताओं के साथ धरने पर बैठे हैं। वे घाट जाने की अनुमति मांग रहे हैं। जिलाधिकारी और प्रशासन से इस मुद्दे पर बातचीत चल रही है। सुरक्षा के मद्देनजर पीएसी तथा कई थानों की फोर्स के साथ बैरिकेडिंग की गई है। पहले जिलाधिकारी द्वारा अनुमति दी गई थी, लेकिन इन्हीं के पार्टी के नेताओं द्वारा लहुराबीर पर प्रदर्शन का आह्वान किया गया। इसी वजह से अनुमति को कुछ कारणों से रोक दिया गया है।
वहीं, कोतवाली थाना क्षेत्र के नक्कास इलाके में सपा नेता लालू यादव को घर में ही नजरबंद कर दिया गया। अखिलेश यादव के निर्देश पर 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का गठन मणिकर्णिका घाट जाने के लिए किया गया है।

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