राष्ट्रपति मुर्मु, पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने दी सेना दिवस पर सैन्यकर्मियों तथा उनके परिजनों को शुभकामनाएं
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सैनिकों को सराहा
राष्ट्रपति मुर्मु और पीएम मोदी ने 78वें सेना दिवस पर जवानों के साहस को सलाम किया। मुख्य समारोह का आयोजन इस बार जयपुर में हुआ।
नई दिल्ली। राष्ट्रपति और तीनों सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 78 वें सेना दिवस पर सेना के जवानों, अधिकारियों और उनके परिवारजनों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने गुरुवार को अपने संदेश में कहा, सेना दिवस पर हमारे बहादुर सैनिकों, सेवानिवृत सैनिकों और उनके परिवारों को हार्दिक बधाई। भारतीय सेना हमारे देश की एकता, संप्रभुता और अखंडता की रक्षा करने में दृढ़ है। हमारे सैनिक हमारी सीमाओं की रक्षा करते हैं और आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान जरूरी मदद देते हैं। आपकी अटूट राष्ट्र प्रथम भावना हर भारतीय को प्रेरित करती रहती है।
पीएम मोदी ने अपने संदेश में कहा, सेना दिवस पर हम भारतीय सेना के साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता को सलाम करते हैं। हमारे सैनिक निस्वार्थ सेवा का प्रतीक हैं, जो सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ देश की रक्षा करते हैं। प्रधानमंत्री ने कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, हम उन लोगों को गहरे सम्मान के साथ याद करते हैं जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की कर्तव्यनिष्ठा पूरे देश में विश्वास और कृतज्ञता की भावना पैदा करती है।
रक्षा मंत्री ने सेना दिवस के गौरवशाली अवसर पर भारतीय सेना के बहादुर जवानों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दी हैं। रक्षा मंत्री ने कहा कि देश भारतीय सेना के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए अटूट प्रतिबद्धता को सलाम करता है। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय सेना, जो सीमाओं पर हमेशा सतर्क रहती है और संकट के समय में अडिग रहती है, ने अपने पेशेवर अंदाज, अनुशासन और मानवीय सेवा के जरिए दुनिया भर में सम्मान कमाया है। उन्होंने एक आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना बनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि एक आभारी देश अपने सैनिकों के लिए गर्व और सम्मान में एकजुट है।
गौरतलब है कि, फील्ड मार्शल के एम करिअप्पा के 1949 में भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बनने के उपल्क्ष में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारतीय सेना की बहादुरी और बलिदानों का सम्मान करने के लिए पूरे देश में परेड, माल्यार्पण समारोह और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इस वर्ष मुख्य समारोह जयपुर में आयोजित किया गया है जिसमें रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति हिस्सा ले रहे हैं।

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