प्रियांक खरगे का तीखा हमला : विपक्ष के साथ दोहरा बर्ताव कर रहा है चुनाव आयोग, सत्तारूढ़ दल पर दोहरे मानदंड अपनाने का लगाया आरोप
जवाबी हमला: प्रियांक खरगे ने भाजपा पर लगाया 'चुनिंदा कार्रवाई' का आरोप
निर्वाचन आयोग के नोटिस पर प्रियांक खरगे ने पलटवार करते हुए इसे भाजपा की "ध्यान भटकाने वाली रणनीति" बताया है। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग को 'आर्थिक आतंकवाद' करार दिया और आयोग पर विपक्ष के खिलाफ पक्षपाती होने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे इस नोटिस का कानूनी और उचित जवाब देंगे।
बेंगलुरु। चुनाव आयोग द्वारा कांग्रेस को नोटिस दिए जाने के बाद कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने विपक्षी नेताओं को लक्षित रूप से निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है। खरगे ने गुरूवार को कहा कि चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने का अधिकार है, लेकिन विपक्ष की आवाज़ों के मामले में "चुनिंदा कार्रवाई" की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियों का उपयोग विपक्षी दलों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जिसे कांग्रेस "आर्थिक आतंकवाद" करार देती है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आयोग के नोटिस का उचित जवाब देगी। खरगे ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान पर भाजपा के विरोध को लेकर सवाल उठाते हुए सत्तारूढ़ दल पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अतीत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या उस मामले में भी भाजपा समान स्तर का विरोध दर्ज कराएगी।
खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के पास मुद्दों की कमी हो गई है और वह चुनावी अनियमितताओं तथा चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवालों से ध्यान हटाने के लिए इस विवाद को उछाल रही है। उन्होंने इसे "ध्यान भटकाने की रणनीति" बताया। इस घटनाक्रम के बाद अब राजनीतिक बहस चुनाव आयोग के नोटिस से आगे बढ़कर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं में एकरूपता और विभिन्न दलों के रुख में विरोधाभास के सवालों तक पहुंच गयी है।

Comment List