रेलवे परियोजनाओं में तेजी लाने के लिए तमिलनाडु सीएम स्टालिन ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति
स्टालिन ने रेलवे परियोजनाओं में तेजी के लिए मोदी को लिखा पत्र
तमिलनाडु मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री मोदी से रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण हेतु धनराशि जारी करने और लंबित योजनाएं पुनर्जीवित करने का आग्रह किया।
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर राज्य में रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और स्थगित रखी गयी परियोजनाओं को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया है। उन्होंने इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन भी दिया है।
प्रधानमंत्री को लिखे अर्ध-सरकारी पत्र में मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में रेलवे परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए लंबित मुद्दों के समयबद्ध समाधान के लिए हस्तक्षेप का अनुरोध किया, विशेषकर भूमि अधिग्रहण के लिए धनराशि जारी करने और ठप पड़ी परियोजनाओं को पुन: आरंभ करने के संदर्भ में।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में मीडिया में कुछ तथ्यात्मक रूप से गलत जानकारियां प्रसारित की जा रही हैं, जिसके चलते उन्हें यह पत्र लिखने की आवश्यकता पड़ी है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की विभिन्न रेलवे परियोजनाओं के लिए कुल 2500.61.06 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस कुल भूमि में से 931.52.96 हेक्टेयर के लिए अभी तक रेलवे द्वारा धनराशि स्वीकृत नहीं की गयी है। इसके अलावा, हाल ही में रेलवे से प्राप्त संशोधित भूमि योजना अनुसूची (एलपीएस) के आधार पर दो परियोजनाओं के लिए 296.02.95 हेक्टेयर निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रक्रिया में है और शीघ्र जारी की जाएगी।
शेष 1273.05.15 हेक्टेयर भूमि से संबंधित 19 प्रमुख चल रही रेलवे परियोजनाओं में से 1198.02.34 हेक्टेयर (लगभग 94 प्रतिशत) भूमि का अधिग्रहण पूरा कर रेलवे को सौंपा जा चुका है। पांच परियोजनाओं के लिए रेलवे द्वारा अब तक एलपीएस उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टिडीवनम-नागरी, मदुरै-तूतुकुडी, मणियाची-नागरकोइल, कन्याकुमारी-नागरकोइल दोहरीकरण, नगरकोइल-एरनियल दोहरीकरण, तूतुकुडी-मदुरै (अरुप्पुक्कोट्टई होकर), चिन्नासलेम-कल्लकुरिची, मयिलादुथुरई-तिरुवरूर, पट्टुकोट्टई फोर जंक्शन प्वाइंट, सलेम-करूर ट्रैक फॉर्मेशन, मन्नारगुडी-नीडामंगलम, चेन्नई बीच-कोरुक्कुपेट तीसरी/चौथी लाइन तथा विल्लुपुरम-ङ्क्षदडीगुल ब्रॉड गेज लाइनों सहित कई परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण कार्य पूर्ण हो चुका है।
उन्होंने कहा कि शेष परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण कार्य तेजी से किया जा रहा है, लेकिन भूमि स्वामियों को समय पर मुआवजा देना अनिवार्य है। रेल मंत्रालय द्वारा परियोजना-वार और टुकड़ों में धनराशि जारी किए जाने से कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे देरी और अनिश्चितता बढ़ रही है।
मुख्यमंत्री ने तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी ब्रॉड गेज दोहरीकरण परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि 16.86.51 हेक्टेयर भूमि के लिए 289.78 करोड़ रुपये की राशि अब तक आवंटित नहीं की गई है। उन्होंने एकमुश्त और समय पर धनराशि आवंटन की मांग करते हुए कहा कि इससे परियोजनाओं को निर्बाध गति मिलेगी। साथ ही, उन्होंने तमिलनाडु को नए रेलवे परियोजनाओं के सीमित आवंटन पर चिंता जताई और राज्य की आर्थिक क्षमता के अनुरूप अतिरिक्त परियोजनाओं को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि सहकारी संघवाद की भावना के साथ इन मुद्दों का शीघ्र समाधान होगा और राज्य सरकार रेलवे परियोजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग देती रहेगी।

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