अजित पवार की पार्टी में मची हलचल : पार्थ के आगे बड़े नेता बेअसर, राउत का बड़ा दावा
तटकरे-पटेल पर राउत ने उठाए सवाल
मुंबई। महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने शनिवार को महायुति सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में सत्ता का समीकरण पूरी तरह से युवा नेता पार्थ पवार के पक्ष में झुक गया है और पार्टी के वरिष्ठ एवं दिग्गज नेता केवल नाममात्र के रह गए हैं। मीडिया से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं को हाशिए पर धकेले जाने और पार्टी में बढ़ती घुटन के कारण ही राजनीतिक गलियारों में पार्टी के फिर से एक होने की चर्चाएं सुनाई दे रही हैं।
राष्ट्रीय राजनीतिक समीकरणों का विश्लेषण करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी शीतकालीन सत्र से पहले विवादित परिसीमन विधेयक को पारित कराने के लिए जरूरी संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि द्रमुक द्वारा समर्थन देने से साफ इनकार कर दिए जाने के बाद, सत्ताधारी गठबंधन 36 सांसदों की कमी को पूरा करने के लिए बेताबी से सहयोगियों की तलाश कर रहा है। शासन-व्यवस्था पर अपना हमला तेज करते हुए, शिवसेना (यूबीटी) नेता ने बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे गए एक सनसनीखेज पत्र का उल्लेख किया। बताया जा रहा है कि इस पत्र में प्रभावशाली रियल एस्टेट दिग्गजों द्वारा अपनाए जा रहे दबाव के हथकंडों और करोड़ों रुपये की जमीन पर अवैध कब्जे की घटनाओं की कड़ी आलोचना की गई है; आरोप है कि इन लोगों को राजनीतिक आलाकमान का समर्थन प्राप्त है।
इसके अलावा राउत ने सत्ताधारी गठबंधन पर मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे पाटिल के खिलाफ कई मोर्चों पर बदले की कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने 500 करोड़ रुपये से जुड़ी ऑडियो क्लिप विवाद और राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जांच के पीछे के राजनीतिक उद्देश्यों पर सवाल उठाए। साथ ही, उन्होंने अयोध्या में प्रशासन द्वारा बड़े पैमाने पर और सरकारी खर्च से आयोजित दीपोत्सव की भी कड़ी आलोचना की।

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