विदेशियों पर चढ़ा राजस्थान का रंग, प्रदेश में उमड़े 16 लाख से अधिक पर्यटक
यूरोप में बजा राजस्थान का डंका
जयपुर। राजस्थान की वैश्विक लोकप्रियता बढ़ती जा रही हैं और पिछले चार वर्षों में यूरोप के शीर्ष दस देशों से 16.37 लाख से अधिक पर्यटक यहां आए हैं। गत तीन से पांच नवंबर तक लंदन में आयोजित वर्ल्ड ट्रैवल मार्केट में राजस्थान ने अपने विविध पर्यटन उत्पादों और संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने के बाद पर्यटन विभाग ने यह जानकारी दी है। पर्यटन आयुक्त रुक्मिणी रियाड के अनुसार इनमें अकेले ब्रिटेन से 3.88 लाख से अधिक पर्यटक राजस्थान पहुंचे। जापान और चीन से भी इसी अवधि में करीब 87 हजार पर्यटक आये। यूरोप के शीर्ष दस देशों से वर्ष 2022 में एक लाख 40 हजार 204 पर्यटक आये जो वर्ष 2023 में बढ़कर चार लाख 20 हजार 104 और वर्ष 2024 में पांच लाख 34 हजार 409 हो गये। वर्ष 2025 में यह संख्या पांच लाख 42 हजार 205 दर्ज की गई।
इस प्रकार चार वर्षों में इन देशों से 16 लाख 36 हजार 922 पर्यटक राजस्थान आए। इनमें ब्रिटेन और फ्रांस सबसे प्रमुख स्रोत बाजार बनकर उभरे। ब्रिटेन से चार वर्षों में तीन लाख 88 हजार 898 और फ्रांस से तीन लाख 88 हजार 895 , जर्मनी से दो लाख 39 हजार 23, इटली से दो लाख 20 हजार 778 और स्पेन से एक लाख 43 हजार 157 पर्यटक राजस्थान पहुंचे। नीदरलैंड, बेल्जियम, पोलैंड, स्विट््जरलैंड और रूस भी प्रमुख यूरोपीय बाजारों में शामिल रहे। ब्रिटेन से पर्यटक आगमन में वृद्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है। वर्ष 2022 में जहां ब्रिटेन से 29 हजार,532 पर्यटक आये वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर एक लाख 33 हजार 978 हो गई। यानी चार वर्षों में यह आंकड़ा 4.5 गुना से अधिक हो गया। फ्रांस से भी इसी अवधि में 34 हजार 999 से बढ़कर एक लाख 3 हजार 270 पर्यटक यात्राए दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में जापान राजस्थान के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत बाजार के रूप में सामने आया है। वर्ष 2022 से 2025 के बीच जापान से 71 हजार 886 पर्यटक राजस्थान आये जबकि चीन से 15 हजार 771 पर्यटक राजस्थान पहुंचे। दोनों देशों से कुल 87 हजार 657 पर्यटक राजस्थान घूमने आये। जापान से वर्ष 2025 में 25 हजार 250 पर्यटक आए जबकि चीन से यह संख्या 5486 रही। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दिया कुमारी के मार्गदर्शन में राजस्थान पर्यटन विभाग डब्लूटीएम लंदन, आईटीबी बर्लिन और टूरिज्म एक्सपो जापान जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मार्ट में भागीदारी के जरिए राज्य को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने के प्रयास कर रहा है।
राजस्थान को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अग्रणी गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए प्रमुख वैश्विक बाजारों में निरंतर प्रचार-प्रसार और भागीदारी महत्वपूर्ण है। राज्य की पर्यटन पहचान को ऐतिहासिक विरासत के साथ वन्यजीव, ग्रामीण पर्यटन, लोक संस्कृति, हस्तशिल्प, आध्यात्मिक पर्यटन, इको टूरिज्म और अनुभव आधारित उत्पादों तक विस्तार दिया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की बदलती पसंद के अनुरूप राजस्थान के विविध पर्यटन आकर्षणों को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना विभाग की प्राथमिकता है। राजस्थान पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अतिरिक्त निदेशक आनंद कुमार त्रिपाठी के अनुसार अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में राज्य की निरंतर भागीदारी राजस्थान की वैश्विक ब्रांङ्क्षडग की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।विभाग का प्रयास है कि राजस्थान के पारंपरिक पर्यटन आकर्षणों के साथ वन्यजीव, ग्रामीण पर्यटन, लोक संस्कृति, धार्मिक स्थलों और नए अनुभव आधारित पर्यटन उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में व्यापक पहचान मिले।

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