पुराने वाणिज्यिक वाहनों को बदलने पर 10 साल तक टैक्स में छूट, परिवर्तन स्कीम से एनसीआर में स्वच्छ वायु और सुरक्षित परिवहन को मिलेगा बढ़ावा
इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर 2.56 लाख रुपए तक की सहायता
जयपुर। एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने वाणिज्यिक वाहनों को हटाकर उनकी जगह आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल वाहन लाने के लिए राज्य सरकार परिवर्तन स्कीम को प्रभावी बनाने में जुटी है। इसके तहत पुराने ट्रक और बसों को बदलकर नए बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर वाहन मालिकों को कई तरह की आर्थिक रियायतें दी जा रही हैं। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को सचिवालय में योजना और एनसीआर जिलों की वायु गुणवत्ता की समीक्षा करते हुए पात्र वाहन मालिकों तक इसका लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
एक साल से अधिक की लंबित देनदारियां भी माफ
बैठक में बताया गया कि एनसीआर में पंजीकृत बीएस-4 या इससे पुराने ट्रक और बसों को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर में स्क्रैप कराने अथवा बीएस-4 वाहन को एनसीआर से बाहर बेचकर नया वाहन खरीदने पर 10 साल तक मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। पंजीकरण शुल्क भी पूरी तरह माफ होगा। एक साल से अधिक की लंबित देनदारियां भी माफ की जाएंगी। पात्र पुराना वाहन खरीदने पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान है। वाहन ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान और निर्माता कंपनियों की ओर से एक्स-शोरूम कीमत पर 8 प्रतिशत छूट भी मिलेगी। नया डीजल या सीएनजी वाहन खरीदने पर पांच साल तक प्रतिमाह ईंधन वाउचर दिए जाएंगे। हल्के वाहन को 1200, मध्यम को 2500 और भारी वाहन को 4800 रुपए प्रतिमाह मिलेंगे। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर श्रेणी के अनुसार 64 हजार से 2.56 लाख रुपए तक एकमुश्त सहायता मिलेगी।
पीयूसीसी के बिना नहीं मिलेगा ईंधन
मुख्य सचिव ने अलवर, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और भरतपुर-डीग के जिला कलेक्टरों से एक्यूआई की जानकारी लेकर सीएक्यूएम के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने नो पॉल्यूशन सर्टिफिकेट, नो फ्यूलश् नियम सख्ती से लागू करने और ग्रेप-2 के प्रावधानों की पालना के निर्देश दिए। साथ ही वाहन निर्माता कंपनियों, वित्तीय संस्थानों और जिला प्रशासन के बीच समन्वय बढ़ाने तथा जागरूकता मेलों के जरिए योजना का प्रचार करने पर जोर दिया।

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