Voice Of Youth: खुशियों का त्योहार है दीपावली, किसी की परेशानी का कारण न बनें
सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से मनाएं रोशनी का पर्व
कोटा। दीपावली खुशियों, उमंग और रोशनी का पर्व है। यह त्योहार अपनों के साथ खुशियां बांटने, उनके चेहरों पर मुस्कान लाने और जीवन में सकारात्मकता के दीप जलाने का संदेश देता है। ऐसे में हमारी छोटी-सी लापरवाही किसी दूसरे की खुशियों पर भारी नहीं पड़नी चाहिए। त्योहार के उत्साह में सड़क और बाजारों के बीच पटाखे फोड़ना, राहगीरों की ओर पटाखे फेंकना या बाइक से स्टंट दिखाना बेहद खतरनाक है। इस तरह की लापरवाही न केवल खुद की, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डाल सकती है। वहीं पटाखों से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है और तेज आवाज बुजुर्गों, बच्चों, बीमार लोगों के साथ बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए भी परेशानी का कारण बनती है।
दीपावली का असली आनंद तभी है, जब हमारी खुशियों से किसी को तकलीफ न पहुंचे। इसलिए जरूरी है कि इस बार दीपावली पर सुरक्षा और संवेदनशीलता को प्राथमिकता दें, यातायात नियमों का पालन करें, पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले पटाखों से दूरी बनाएं और जरूरतमंदों के साथ भी खुशियां साझा करें। जिम्मेदारी के साथ मनाया गया त्योहार ही समाज में खुशहाली और भाईचारे का संदेश देता है। दैनिक नवज्योति के 'वॉयस ऑफ यूथ' में युवाओं ने आमजन से सुरक्षित, संवेदनशील और पर्यावरण के अनुकूल दीपावली मनाने की अपील की।
पटाखे खुली जगह में चलाएं
दीपावली खुशियों का पर्व है। सड़क या बाजार के बीच पटाखे नहीं चलाने चाहिए। आपकी थोड़ी-सी मस्ती किसी का त्योहार खराब कर सकती है। सड़क पर पटाखे चलाने से बाइक सवारों का संतुलन बिगड़ सकता है और वे दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। पटाखे हमेशा खुली और सुरक्षित जगह पर चलाएं। बेहतर होगा कि तेज धमाके वाले पटाखों की जगह कम धुआं और कम आवाज वाले सुरक्षित विकल्प अपनाएं।
-अजय पारेता, कॉलेज स्टूडेंट
बेजुबान जानवरों को न सताएं
कई लोग मनोरंजन के लिए जानवरों के आसपास पटाखे फोड़ते हैं। ऐसा करना गलत है। पटाखों की तेज आवाज और धमाके से बेजुबान जानवरों को काफी तकलीफ होती है। पटाखे चलाते समय आसपास मौजूद लोगों और जानवरों का ध्यान रखना चाहिए। त्योहार की खुशी किसी जीव के डर और दर्द का कारण नहीं बननी चाहिए।
-यश प्रताप सिंह हाड़ा, युवा
माता-पिता भी निभाएं जिम्मेदारी
बच्चे सड़क पर पटाखे फोड़ते हैं और बाइक पर स्टंट दिखाते हैं। इसके लिए कहीं न कहीं माता-पिता भी जिम्मेदार हैं। उन्हें कम उम्र के बच्चों को बाइक नहीं देनी चाहिए। जब बच्चे पटाखे चला रहे हों तो अभिभावकों को उनके साथ मौजूद रहना चाहिए, ताकि वे किसी तरह की लापरवाही न करें और सुरक्षित तरीके से त्योहार मना सकें।
-कावेरी वाल्मीकि, कॉलेज स्टूडेंट
पटाखे चलाते समय बरतें सावधानी
सड़क पर पटाखे फोड़ने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। साथ ही इससे प्रदूषण भी बढ़ता है। ऐसे में ईको फ्रेंडली विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए। पटाखे कम संख्या में चलाएं और उन्हें हमेशा खाली व सुरक्षित स्थान पर ही फोड़ें। त्योहार का आनंद लेते समय दूसरों की सुरक्षा और पर्यावरण का ध्यान रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।
-अमन सोनी, कॉलेज स्टूडेंट

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