कर चोरी पर विभाग का बड़ा प्रहार, छह प्रतिष्ठानों से एक करोड़ रुपये से अधिक जमा
किशनगढ़ के मार्बल कारोबारी ने कर और ब्याज सहित 13.22 लाख रुपये जमा किए
जयपुर। प्रदेश में कर चोरी के खिलाफ वाणिज्यिक कर विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए छह व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान करदाताओं ने कुल 1 करोड़ 22 हजार रुपये स्वैच्छिक रूप से जमा कराए या इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा किए। जांच में बिक्री छिपाने, बिना बिल कारोबार, स्टॉक में अंतर और नियम विरुद्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने जैसी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग के अनुसार, अजमेर के आतिशबाजी कारोबारी से 30 लाख रुपये जमा कराए गए। किशनगढ़ के मार्बल कारोबारी ने कर और ब्याज सहित 13.22 लाख रुपये जमा किए।
मकराना की अमन मार्बल इंडस्ट्रीज ने 20 लाख रुपये इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर में जमा कराए। जयपुर के चौड़ा रास्ता स्थित मनोहर लाल एंड संस से 14.18 लाख रुपये, चित्तौड़गढ़ जिले के बेगूं स्थित पारस जनरल स्टोर से 11.20 लाख रुपये तथा जैतारण की गोदावरी एंटरप्राइजेज से 11.62 लाख रुपये जमा कराए गए। विभाग संबंधित प्रतिष्ठानों के खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, जीएसटी रिटर्न, स्टॉक और आईटीसी का सत्यापन कर रहा है। शेष विसंगतियों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया कि कर चोरी और बिना बिल कारोबार के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

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