जब भारत चलता है, तो दुनिया देखती है, भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी ) 2025 का उद्घाटन एक ऐतिहासिक परेड के साथ
इफ्फी 2025 की भव्य शुरुआत परेड के साथ, गोवा बनेगा सिनेमाई संस्कृति का कैनवास
56वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) की शुरुआत इस बार एक अनोखी और भव्य उद्घाटन परेड से होगी, जो 20 नवंबर को ईएसजी कार्यालय से कला अकादमी तक निकलेगी। पहली बार परदे के किरदार, लोक-संगीत, नृत्य और राज्य-झांकियां मिलकर गोवा की सड़कों को जीवंत सिनेमाई उत्सव में बदल देंगी।
नई दिल्ली। भारत का 56वां अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) इस बार एक ऐसी शुरूआत करने जा रहा है, जो फिल्म महोत्सव के उद्घाटन की परिभाषा ही बदल देगी- जहां एक भव्य, मनमोहक उद्घाटन परेड होगी। पहली बार, इफ्फी अपने दर्शकों का स्वागत एक चलते-फिरते उत्सव से करेगा, जहां कहानियां सुनाई देंगी, संगीत सांस लेगा, किरदार परदे से बाहर कदम रखेंगे और भारत अपने सुर, लय, गौरव और लुभावनी कल्पना के माध्यम से दुनिया को मंत्रमुग्ध कर देगा। यह परेड 20 नवंबर को दोपहर 3:30 बजे एंटरटेनमेंट सोसायटी आॅफ गोवा (ईएसजी) कार्यालय से शुरू होकर कला अकादमी तक जाएगी। अपनी तरह की यह अनूठी परेड गोवा की सड़कों को भारत की सिनेमाई और सांस्कृतिक प्रतिभा को एक जीवंत कैनवास में बदल देगी।
सब मिलकर एक तिरंगा आकृति बनाएंगे
परेड की शुरूआत जिस अद्भुत ऊर्जा से होगी, वह लेकर आ रहा है केंद्रीय संचार ब्यूरो का मनमोहक प्रस्तुति भारत एक सूर, यह सोलह राज्यों के सौ से अधिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत एक मंत्रमुग्ध कर देने वाली लोक-संगीत सिंफनी है। यहां भांगड़ा गरबा से मिलेगा, लावणी घूमर में बहेगी, बिहू की लय छऊ और नाटी के साथ सांस लेगी और अंत में यह सब मिलकर एक भव्य तिरंगा आकृति बनाएंगे, जो भारत की एकजुट सांस्कृतिक धड़कन को साकार करती है।
परेड में आकर्षण, यादों की गर्माहट और उल्लास जोड़ने आ रहे हैं भारत के प्रिय एनीमेशन किरदार-छोटा भीम और छुटकी, तथा मोटू-पतलू और बिट्टू बहनेबाज, जो स्क्रीन से बाहर निकलकर दर्शकों का स्वागत हंसी, गर्मजोशी और चंचलता के साथ करेंगे। इफ्फी 2025 की उद्घाटन परेड सिर्फ एक उद्घाटन नहीं है बल्कि यह एक सिनेमाई प्रस्तावना है और एक सांस्कृतिक वादा भी है। गोवा जब इस असाधारण शुरूआत के लिए तैयार हो रहा है, इफ्फी दुनिया को आमंत्रित कर रहा है कि वह भारत को सिर्फ कहानियों के देश के रूप में नहीं, बल्कि चलते हुए भारत के रूप में देखे जो एक अविस्मरणीय लय में आगे बढ़ रहा है। क्योंकि जब भारत चलता है, दुनिया सच में देखती है!
कल्पना का एक सजीव चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा
इस परेड का नेतृत्व आंध्र प्रदेश, हरियाणा और गोवा के शानदार राज्य झाँकियां करेंगी, जिनमें से प्रत्येक पहचान और कल्पना का एक सजीव चित्रण प्रस्तुत किया जाएगा। आंध्र प्रदेश विशाखापत्तनम के सुनहरे तटों, अराकू की रहस्यमय घाटियों और टॉलीवुड की धड़कती भावना को लेकर आएगा। हरियाणा लोककथाओं, रंगमंच, संस्कृति और सिनेमाई गौरव का रंगीन संगम पेश करेगा। गोवा, जो इस महोत्सव का लंबे समय से मेजबान रहा है, वह अपनी महानगरीय गर्मजोशी और विश्व सिनेमा के साथ अपने कालातीत बंधन का जश्न मनाते हुए जुलूस का भावनात्मक केंद्र प्रस्तुत करेगा।
राज्यों की झांकियों के साथ कदमताल करकते हुए हुए भारत के प्रमुख प्रोडक्शन हाउस की की भव्य सिनेमाई झांकियां भी परेड का हिस्सा बनेंगी, जिनमें प्रत्येक झांकी अपने भीतर कहानी कहने की उत्कृष्टता का चलता-फिरता संसार होगी। अखंड 2 की पौराणिक शक्ति, राम चरण की पेड्डी की भावनात्मक गहराई, मैत्री मूवी मेकर्स की रचनात्मक शक्ति, जी स्टूडियो की प्रतिष्ठित विरासत, होम्बले फिल्म्स का वैश्विक दृष्टिकोण, बिंदुसागर की उड़िया सांस्कृतिक धरोहर, गुरु दत्त को अल्ट्रा मीडिया की शताब्दी श्रद्धांजलि, और वेव्स ओटीटी की जीवंत कहानी बताने वाली दुनिया- यह सभी मिलकर भारतीय सिनेमा की असीम विविधता को प्रदर्शित करेंगे। एनएफडीसी की 50 वर्षों की झांकी इन झांकियों में ऐतिहासिक आयाम को जोड़ने का काम करेगी। यह देशभर में फिल्मकारों को संवारने और सिनेमाई नवाचार को बढ़ावा देने की पांच दशक लंबी यात्रा को सम्मानित करती है।
इफ्फी के बारे में
1952 में स्थापित, भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) दक्षिण एशिया के सिनेमा का सबसे पुराना और सबसे बड़ा सिनेमा महोत्सव रहा है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (एनएफडीसी) और गोवा एंटरटेनमेंट सोसाइटी आॅफ गोवा (ईएसजी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह महोत्सव एक वैश्विक सिनेमाई शक्ति केंद्र बन चुका है-जहां बहाल किए गए क्लासिक्स का संगम साहसिक प्रयोगों से होता है और जहां दिग्गज उस्तादों के साथ नए फिल्मकार भी एक ही मंच साझा करते हैं। जो चीज इफ्फी को खास बनाता है, वह है इसका जीवंत मिश्रण- अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक प्रदर्शन, मास्टरक्लास, श्रद्धांजलि, और जोश से लबरेज वेव्स फिल्म बाजार, जहाँ विचार, सौदे और सहयोग उड़ान भरते हैं। गोवा के मनमोहक समुद्री तटों की पृष्ठभूमि में 20 से 28 नवंबर तक आयोजित होने वाला 56वां संस्करण भाषाओं, शैलियों, नवाचारों और आवाजों का एक शानदार संगम पेश करने का वादा करता है जो वैश्विक मंच पर भारत की रचनात्मक प्रतिभा का एक डूबो देने वाला उत्सव है।

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