साइबर अपराधियों की अब खैर नहीं...TRAI ने शुरू की CNAP सेवा, स्मार्टफोन पर अब दिखेगा असली नाम
TRAI की CNAP सेवा: अब फोन पर दिखेगा कॉलर का असली नाम
TRAI ने स्पैम कॉल्स रोकने के लिए CNAP सेवा शुरू की है। अब अनजान नंबरों से कॉल आने पर KYC आधारित असली नाम दिखाई देगा। मार्च 2026 तक यह सुविधा पूरे भारत में लागू होगी।
नई दिल्ली। आजकल साइबर अपराधियों के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और इसके लिए सरकार समय समय पर कुछ ना कुछ करती रहती है लेकिन अभी तक इन पर कोई लगाम नहीं लग पाई हैं। इसी बीच अगर आपके फोन पर किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर अब कॉलर का नाम दिखाई दे रहा है, तो यह किसी थर्ड-पार्टी ऐप का जादू नहीं बल्कि टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) की नई पहल है। भारत में टेलीकॉम ऑपरेटरों ने कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सेवा का विस्तार करना शुरू कर दिया है, जिसका उद्देश्य स्पैम और धोखाधड़ी वाली कॉल्स पर लगाम लगाना है।
केवाईसी (KYC) डेटा पर आधारित पहचान
बता दें कि अभी तक कॉलर की पहचान के लिए लोग Truecaller जैसे ऐप्स का इस्तेमाल करते थे, जो कि क्राउड-सोर्स डेटा का उपयोग करते हैं। अक्सर ये नाम गलत या अपमानजनक भी हो सकते हैं। लेकिन CNAP के तहत, अब आपके फोन स्क्रीन पर वही नाम दिखाई देगा जो सिम कार्ड खरीदते समय सरकारी पहचान पत्र (KYC) के साथ रजिस्टर्ड किया गया है। इस पहल के द्वारा TRAI का मानना है कि इससे नेटवर्क स्तर पर पारदर्शिता आएगी और टेलीकॉम सेवाओं के दुरुपयोग को रोकने में मदद मिलेगी।
मार्च 2026 तक पूरे भारत में होगा रोलआउट
जानकारी के अनुसार, अक्टूबर 2025 में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू हुई यह सुविधा अब तेजी से लागू की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक यह सेवा पूरे भारत में सक्रिय हो जाएगी। इसके बारे में केंद्र सरकार ने जानकारी देते हुए कहा कि एक बार रोलआउट पूरा होने के बाद, यह फीचर सभी स्मार्टफोन पर डिफॉल्ट रूप से चालू होगा। वर्तमान में, यह सेवा मुख्य रूप से 4G और 5G नेटवर्क वाले स्मार्टफोन यूजर्स के लिए उपलब्ध कराई जा रही है।
स्पैम और फ्रॉड पर लगेगी लगाम
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तकनीक से उन जालसाजों को पकड़ना आसान होगा, जो अपनी पहचान छुपाकर लोगों को ठगते हैं। हालाँकि, अभी यह सेवा 2G नेटवर्क वाले फीचर फोन और लैंडलाइन पर उपलब्ध नहीं है। TRAI का कहना है कि आधिकारिक रिकॉर्ड से नाम दिखाने के कारण यह व्यवस्था थर्ड-पार्टी ऐप्स की तुलना में कहीं अधिक विश्वसनीय और सुरक्षित साबित होगी।

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