रुपए में ऐतिहासिक गिरावट: 95.43 प्रति डॉलर पर पहुंचा, शेयर बाजार हुआ लाल
रुपये पर आज शुरू से ही दबाव
विदेशी निवेशकों द्वारा 70 करोड़ डॉलर की निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारतीय रुपया 95.43 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया। ब्रेंट क्रूड के $110 प्रति बैरल पार करने और डॉलर की मजबूती ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा दिया है, जिससे अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौतियां पैदा हो गई हैं।
मुंबई। अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में मंगलवार को रूपया सुबह के कारोबार में 20 पैसे और गिरकर 95.43 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक खुला। इसस पहले सोमवार को 39 पैसे टूटकर कारोबार की समाप्ति पर एक डॉलर 95.23 रुपये पर बंद हुआ। रुपया पहली बार 95 प्रति डॉलर के नीचे बंद हुआ है। हालांकि बीच कारोबार में इसका अबतक का निचला स्तर 95.3450 रुपये प्रति डॉलर है जो 30 अप्रैल को दर्ज किया गया था।
पिछले कारोबारी दिवस पर भारतीय मुद्रा चार पैसे की मजबूती के साथ 94.84 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुई थी। रुपये पर आज शुरू से ही दबाव रहा। यह 20 पैसे गिरकर 95.43 रुपये प्रति डॉलर पर खुला। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफपीआई) के भारतीय पूंजी बाजार से पैसा निकालने से रुपये पर दबाव रहा। एफपीआई ने आज करीब 70 करोड़ डॉलर की शुद्ध निकासी की। कच्चे तेल में दो प्रतिशत से अधिक की तेजी और दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के सूचकांक में डॉलर की मजबूती से भी रुपया कमजोर हुआ। कच्चे तेल का मानक लंदन का ब्रेंट क्रूड वायदा फिलहाल 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है।

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