भारतीय क्रिकेटर रुमेली धर ने क्रिकेट के सभी प्रारूपों से लिया संन्यास
राजस्थान को पहली बार नेशनल वनडे और टी-20 के सेमीफाइनल में पहुंचाया,
जयपुर। राजस्थान को पहली बार नेशनल वनडे और टी-20 के सेमीफाइनल में पहुंचाया, भारत के लिए 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करने वाली रुमेली ने चार टेस्ट, 78 एकदिवसीय और 18 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका में हुए 2005 विश्व कप में भारत को फाइनल में पहुंचाने में रुमेली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
इंस्टाग्राम पर की संन्यास की घोषणा
38 वर्षीय रुमेली ने इंस्टाग्राम पर सन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल के श्यामनगर से शुरू होने वाला 23 साल का मेरा क्रिकेट करियर अपने अंत पर आ गया है। मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास लेने की घोषणा करती हूं। मेरा सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करना, 2005 में विश्व कप फाइनल खेलना और टीम की कप्तानी संभालना मेरे लिए अच्छा अनुभव रहा। कई बार चोट लगने के कारण मेरा करियर प्रभावित हुआ, लेकिन मैंने हमेशा और बेहतर वापसी की।
राजस्थान टीम के साथ रहा अच्छा अनुभव
बंगाल की रुमेली बीसीसीआई की घरेलू क्रिकेट में रेलवे, एयर इंडिया, दिल्ली, असम और राजस्थान की ओर से भी खेली हैं। रुमेली ने 2014 और 2015 के सत्र में राष्ट्रीय महिला क्रिकेट में राजस्थान का प्रतिनिधित्व किया और 2014 में पहली बार राजस्थान महिला टीम ने सीनियर वनडे टूर्नामेंट के सेमी फाइनल में जगह बनाई। रुमेली ने नवज्योति से बातचीत में कहा कि उनका राजस्थान टीम के साथ अनुभव अच्छा रहा। कई अच्छी खिलाड़ी टीम में थीं और पहली बार हम नॉकआउट में पहुंचने में सफल रहे थे।
राजस्थान के लिए रुमेली का प्रदर्शन
रुमेली ने 2013-14 के सत्र में राजस्थन की ओर से खेलते हुए सीनियर नेशनल वनडे में 261 रन बनाए और छह विकेट ले टीम को सेमी फाइनल में पहुंचाया। टी-20 में भी रुमेली के 67 रन और 6 विकेट के प्रदर्शन के साथ राजस्थान टीम प्लेट ग्रुप के अंतिम चार तक पहुंची। 2014-15 के सत्र में रुमेली ने चार वनडे मैचों में 122 रन बनाए और छह विकेट लिए, जबकि टी-20 में 125 रन बनाए और पांच विकेट हासिल किए।
खेल परिषद ने बुलाया एक्सपर्ट कोच के रूप में
रुमेली राजस्थान खेल परिषद के माउंट आबू केन्द्रीय प्रशिक्षण शिविर में कोचिंग भी दे चुकी हैं। परिषद की ओर से वर्ष 2018 में रुमेली को एक्सपर्ट कोच के रूप में बुलाया गया था। तब परिषद के अध्यक्ष पद का जिम्मा संभाले जेसी मोहन्ती ने आबू शिविर का स्तर सुधारने के नजरिए से सभी खेलों में देश के ख्याति प्राप्त खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को आबू शिविर के लिए आमंत्रित किया था। रुमेली ने कहा कि भविष्य में उनकी योजना कोचिंग से जुड़ने की है। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि राजस्थान से भी उन्हें कोचिंग के लिए कोई अच्छा प्रस्ताव मिलता है तो वे अवश्य स्वीकार करेंगी।

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