कैग की रिपोर्ट में खुलासा: पेट्रोल-डीजल से रोजाना 60-70 करोड़ का राजस्व, सड़क उपकर के उपयोग पर सवाल
2,065 करोड़ के उपकर पर उठे सवाल
जयपुर। राजस्थान में पेट्रोल-डीजल की बिक्री से सरकार को रोजाना करीब 60 से 70 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हो रहा है। ईंधन बिक्री से मिलने वाली इस राशि में सड़क विकास उपकर भी शामिल है। कैग की रिपोर्ट में पेट्रोल पर डेढ़ रुपए और डीजल पर पौने दो रुपए प्रति लीटर सड़क विकास उपकर निर्धारित होने का उल्लेख किया गया है। सालाना ईंधन खपत के आधार पर इस उपकर से करीब 2065 करोड़ रुपए जुटने का अनुमान सामने आया है। रिपोर्ट के बाद अब सड़क विकास के नाम पर वाहन चालकों से जुटाई जा रही इस राशि के उपयोग का पूरा हिसाब सामने लाने की जरूरत महसूस की जा रही है।
विशेष रूप से सार्वजनिक निर्माण विभाग की परियोजनाओं में उपकर से प्राप्त राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। नई सड़कों के निर्माण के साथ पुरानी सड़कों के रखरखाव और उनकी गुणवत्ता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट किए जाने की आवश्यकता है। राज्य के बजट प्रावधानों में मिसिंग लिंक परियोजनाओं के लिए करीब 2101 करोड़ रुपए का प्रावधान सामने आया है। वहीं 6418 किलोमीटर सड़कों के सुधार का लक्ष्य भी दर्ज किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए करीब 2000 कैमरों के माध्यम से निगरानी की तैयारी का भी बजट में उल्लेख किया गया था।

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