अखिलेश यादव का केंद्र पर कटाक्ष: चुनाव खत्म होते ही सरकार को याद आया ‘संकट’; ऐसी अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका 

सत्तारूढ़ सरकार विदेश नीति और गृह नीति दोनों मोर्चों पर विफल

अखिलेश यादव का केंद्र पर कटाक्ष: चुनाव खत्म होते ही सरकार को याद आया ‘संकट’; ऐसी अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका 
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की 'बचत अपीलों' को आर्थिक विफलता बताया है। उन्होंने तंज कसा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को संकट याद आ गया। अखिलेश ने डॉलर के मुकाबले कमजोर रुपये और महंगाई पर घेराव करते हुए सत्तारूढ़ दल को ही देश के लिए सबसे बड़ा संकट करार दिया।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सोमवार को कहा कि चुनाव खत्म होते ही सरकार को “संकट” याद आ गया। उन्होंने कहा कि देश के लिए सबसे बड़ा संकट सत्तारूढ़ पार्टी ही है और केंद्र सरकार की हालिया अपीलें उसकी आर्थिक व नीतिगत विफलताओं को उजागर करती हैं। सपा प्रमुख ने कहा कि यदि इतनी पाबंदियां लगानी पड़ रही हैं तो पांच ट्रिलियन डॉलर की जुमलाई अर्थव्यवस्था कैसे बनेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ सरकार के हाथ से आर्थिक व्यवस्था की लगाम छूट चुकी है। डॉलर लगातार मजबूत हो रहा है और रुपया कमजोर होता जा रहा है।

अखिलेश यादव ने सोने की खरीद को लेकर सरकार की अपील पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जनता तो वैसे भी डेढ़ लाख तोले का सोना खरीदने की स्थिति में नहीं है, बल्कि सत्तापक्ष के लोग ही अपनी काली कमाई का स्वर्णीकरण करने में लगे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि इसकी जानकारी “लखनऊ से लेकर गोरखपुर” और “अहमदाबाद से लेकर गुवाहाटी” तक ली जा सकती है। उन्होंने सवाल उठाया कि सारी पाबंदियां चुनाव खत्म होने के बाद ही क्यों याद आईं। अखिलेश ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सत्तापक्ष के नेताओं ने हजारों चार्टर विमान यात्राएं कीं, महंगे होटलों में ठहरे और बड़े पैमाने पर संसाधनों का इस्तेमाल किया। ऐसे में जनता पर ही प्रतिबंध और अपीलें थोपना उचित नहीं है।

सपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकार की इस तरह की अपीलों से बाजार में भय, घबराहट और मंदी की आशंका पैदा होगी। सरकार का काम संकट से उबारना होता है, न कि अफरातफरी का माहौल बनाना। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ सरकार विदेश नीति और गृह नीति दोनों मोर्चों पर विफल रही है। अखिलेश यादव ने कहा कि सत्तापक्ष ने चुनावी राजनीति को प्रदूषित कर दिया है और समाज में नफरत फैलाकर सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने दावा किया कि सांस्कृतिक, सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक और आर्थिक हर क्षेत्र में सत्ता पक्ष की नीतियों से देश को नुकसान हुआ है। सपा प्रमुख ने कहा कि जनता अब सत्तापक्ष की नीतियों से परेशान हो चुकी है और वोट मिलते ही सत्तापक्ष का खोट सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब बदलाव चाहती है।

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

धार के छात्रावास में हंगामा, खिड़की से कूदकर सड़क पर निकलीं छात्राएं, 2.5 किलोमीटर पैदल चलकर प्रशासन से लगाई मदद की गुहार धार के छात्रावास में हंगामा, खिड़की से कूदकर सड़क पर निकलीं छात्राएं, 2.5 किलोमीटर पैदल चलकर प्रशासन से लगाई मदद की गुहार
मध्यप्रदेश के धार जिले के निसरपुर स्थित माता शबरी आदिवासी कन्या छात्रावास से अव्यवस्थाओं और घटिया भोजन से परेशान 40...
टर्बुलेंस हादसे के बाद Air India की सख्ती: पायलटों की ड्रग स्क्रीनिंग तेज, दो रिपोर्ट नॉन-नेगेटिव आने से बढ़ी चिंता
राजस्थान के बांधों में 55.84 प्रतिशत पानी, पिछले 24 घंटे में 39.58 एमसीएम की बढ़ोतरी
ट्विशा शर्मा मौत मामला: सीबीआई ने अदालत में दाखिल की चार्जशीट, दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में
त्योहार पर मिलावटखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई, जोखिम वाले खाद्य पदार्थों और क्षेत्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश
आम आदमी पार्टी राजस्थान ने स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियां तेज कीं, 21 सदस्यीय प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति गठित
35 वर्षीय युवक की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या, रेलवे लाइन के पास मिला अज्ञात शव