आधुनिक होने के साथ आत्मनिर्भर भी हो रहा रेलवे : दुनिया के देशों को कर रहे ट्रेन के कोच का निर्यात, मोदी ने कहा- इससे हमारी अर्थव्यस्था को मिलता है बड़ा लाभ
विकास को गति देने का काम तेज हुआ
भारत के रेल इंजन, रेल के डिब्बे, भारत के मेट्रो कोच देश की तकनीक की पहचान बन रही है। अमेरिकी, यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव बना रहे है।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ साथ आत्मनिर्भर भी हो रहे है रेल इंजन, रेल के डिब्बे, भारत के मेट्रो कोच देश की तकनीक की पहचान बन रही है। मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा में 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का अनावरण करने के बाद कहा कि भारतीय रेल आधुनिक होने के साथ साथ आत्मनिर्भर भी हो रहे है। भारत के रेल इंजन, रेल के डिब्बे, भारत के मेट्रो कोच देश की तकनीक की पहचान बन रही है। अमेरिकी, यूरोप से ज्यादा लोकोमोटिव बना रहे है।
दुनिया के कई देशों को पैसेंजर ट्रेन और मेट्रो ट्रेन के कोच का निर्यात किया जा रहा है। इसके कारण हमारी अर्थव्यस्था को बड़ा लाभ मिलता है, हमारे नौजवानों को रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना हमारी प्राथमिकता है। दूरियों को कम करना हमारा मिशन है और यह इस कार्यक्रम में भी दिखायी देता है। उन्होंने कहा कि आज मालदा से पश्चिम बंगाल के विकास को गति देने का काम तेज हुआ है।
कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया, उससे यहां के लोगों को नये अवसर मिलेंगे। आज से वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों की शुरुआत हो रही है, जो लोगों की यात्राओं को यादगार बनायेगी। वंदे भारत ट्रेन में विकसित भारत की तस्वीर दिखायी देगी। कभी विदेशों की ट्रेनों को देखकर कहा करते थे कि काश ऐसी ट्रेन भारत में होती, तो अब उसी सपने को पूरा किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल काया कल्प के दौर से निकल रही है। पश्चिम बंगाल सहित देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेन चल रही है। आज बंगाल को 4 और आधुनिक अमृत भारत ट्रैन मिली है। इससे बंगाल और खासकर उत्तर बंगाल की दक्षिण और पश्चिमी भारत को जुड़ेगी।

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