अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, ट्रंप ने कहा- अमेरिका का एक और सैन्य बेड़ा ‘बड़ी खूबसूरती से’ ईरान की ओर बढ़ रहा
ईरान के साथ स्थिति परिवर्तनशील
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर एक और सैन्य बेड़ा भेजने का दावा करते हुए दबाव और बातचीत की दोहरी रणनीति के संकेत दिए। अमेरिका ने शर्तों पर वार्ता की पेशकश की है। क्षेत्र में अमेरिकी नौसैनिक तैनाती बढ़ी है, जबकि ईरान ने किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने सख्त रुख की ओर लौटते हुए कहा है कि एक और सैन्य बेड़ा ‘अरमाडा’ ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने अमेरिका के आयोवा राज्य के क्लाइव में एक चुनाव-प्रचार जैसे आयोजन में कहा- वैसे इस समय एक और अरमाडा बड़ी खूबसूरती से तैरते हुए ईरान की ओर बढ़ रहा है। हम देखेंगे। उम्मीद है कि वे हमसे समझौता कर लें। उन्हें हमसे पहले ही समझौता कर लेना चाहिए था। कम से कम उनके पास देश तो बचेगा।
ट्रंप के बयान से अमेरिका की सैन्य दबाव के साथ कूटनीति की संभावना वाली दोहरी रणनीति झलकी है। इसी क्रम में ‘एक्सियोस’ को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईरान के साथ स्थिति परिवर्तनशील है और बड़े अमेरिकी सैन्य बेड़ों को क्षेत्र के और करीब तैनात किया गया है। उन्होंने दावा किया कि ईरानी अधिकारी कई बार बातचीत की इच्छा जता चुके हैं।
इसके बाद एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की कि यदि ईरान तय शर्तों के तहत संपर्क करता है, तो अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है। इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने शर्तें बताईं, जिनमें यूरेनियम संवर्धन पर रोक, संवर्धित यूरेनियम हटाना, लंबी दूरी की मिसाइल कार्यक्रम पर सीमाएं और क्षेत्रीय प्रॉक्सी समूहों के समर्थन का अंत शामिल है। ईरान ने इन शर्तों को सिरे से खारिज किया है, हालांकि बातचीत की इच्छा भी जताई है। ट्रंप ने जून में किए गए अमेरिकी हमलों का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि तीन प्रमुख ठिकानों पर वार कर ईरान की परमाणु क्षमताओं को नष्ट कर दिया गया, हालांकि वास्तविक नुकसान को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
इस बीच, अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन के नेतृत्व वाला स्ट्राइक ग्रुप हिंद महासागर में तैनात किया गया है, जिससे वह अमेरिकी केंद्रीय कमान के परिचालन क्षेत्र और ईरान के संभावित लक्ष्य क्षेत्रों के और करीब आ गया है। ईरान के भीतर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक वरिष्ठ मौलवी ने शुक्रवार की नमाज के दौरान अमेरिका को किसी भी हमले से चेताया।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान किसी भी अमेरिकी आक्रामकता का जवाब देने के लिए बखूबी सक्षम है और उसकी सशस्त्र सेनाएं घटनाक्रम पर करीबी नजर रखे हुए हैं। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने जून में इजरायल के साथ हुए संघर्ष के बाद मिसाइल क्षमताओं में उल्लेखनीय सुधार का भी दावा किया है।
ईरानी सैन्य अधिकारियों ने यह भी दावा किया है कि जून में इजरायल के साथ 12 दिन की लड़ाई के बाद से मिसाइल क्षमताओं में काफी सुधार हुआ है। इस लड़ाई के दौरान, इजरायल द्वारा ईरानी सैन्य और परमाणु ठिकानों पर अचानक हमले करने के बाद ईरान ने इजरायली ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले किए थे। बाद में अमेरिका भी इस लड़ाई में शामिल हो गया और उसने ईरान के अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया था।
ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी कि किसी भी हमले की स्थिति में अमेरिका के सभी हित, ठिकाने और प्रभाव के केंद्र तुरंत वैध निशाने बन जाएंगे। ईरानी अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर भी हमला किया जा सकता है। इसी चिंता के कारण खाड़ी के अरब देशों ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई न करने का अनुरोध किया है।

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