ईरान की इजरायल को दोटूक, लेबनान में संघर्ष विराम उल्लंघन पर दी कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ईरान-इजरायल तनाव फिर बढ़ा
तेहरान। ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में अपनी ‘शरारत’ बंद नहीं की, तो उसे ईरानी सशस्त्र बलों की ‘कड़ी’ प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना होगा। ईरान के मुख्य सैन्य कमान ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स’ ने मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध समाप्ति की घोषणा की है, तब से इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में 84 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया है और वह अब भी ‘पीड़ित लेबनानी लोगों के खिलाफ अपराध और उनकी हत्या’ जारी रखे हुए है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान, अमेरिका और पाकिस्तान ने सोमवार तड़के लेबनान सहित पश्चिम एशिया क्षेत्र में सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। ईरान और अमेरिका शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में इस समझौता ज्ञापन पर आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर करने वाले हैं। मंगलवार को तेहरान में विदेशी राजनयिकों के साथ एक बैठक में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने लेबनान में युद्ध की समाप्ति को ईरान-अमेरिका शांति समझौते का एक 'अटूट' हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि तेहरान के दृष्टिकोण से, इस समझौते के दो पक्ष हैं, एक तरफ अमेरिका और इजरायल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान और हिजबुल्लाह है।
अराघची ने कहा, “युद्ध की समाप्ति का मतलब इजरायली कब्जे का खत्म होना भी है। जब तक इजरायली सेना इस युद्ध में कब्जाये गये लेबनानी क्षेत्रों से पीछे नहीं हटती, तब तक युद्ध की समाप्ति पूरी नहीं मानी जाएगी।” अराघची ने यह टिप्पणी इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के बाद की है, जिसमें नेतन्याहू ने सोमवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि इजरायली सेना लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में अपने नियंत्रण वाले ‘सुरक्षा क्षेत्रों’ में तब तक बनी रहेगी, जब तक आवश्यक होगा।

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