ग्रामीणों को बंधुआ मजदूर बनाने के मकसद से केंद्र सरकार ने खत्म किया मनरेगा : गरीबों की नहीं समझते पीड़ा, खड़गे ने कहा- मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी

सरकार के इस कदम का विरोध करेगी

ग्रामीणों को बंधुआ मजदूर बनाने के मकसद से केंद्र सरकार ने खत्म किया मनरेगा : गरीबों की नहीं समझते पीड़ा, खड़गे ने कहा- मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी
अब जल्द ही बजट सत्र शुरु होने वाला है और कांग्रेस शीतकालीन सत्र की तरह ही बजट सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार के इस कदम का विरोध करेगी।

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा का संबंध अमीरों से है और गरीबों की पीड़ा को वे नहीं समझते है। इसलिए गरीबों को गुलाम बनाए रखने के इरादे से ग्रामीण श्रमिकों के हित की महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना (मनरेगा) कानून को खत्म करने का कदम उठाया गया है। खड़गे ने रचनात्मक कांग्रेस के प्रमुख संदीप दीक्षित द्वारा आयोजित मनरेगा कार्यकर्ताओं के राष्ट्रीय संवाद में 'मनरेगा बचाओ मोर्चा' के देशभर से यहां आये कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि मनरेगा बचाने की लड़ाई बहुत लंबी है और इस लड़ाई को एक जगह पर बैठकर या सिर्फ नारे लगाकर नहीं लड़ा और जीता जा सकता है। उनका कहना था कि सरकार मनरेगा को खत्म करने का कानून संसद के शीतकालीन सत्र में लाई थी और कांग्रेस ने इसका जमकर विरोध किया था। अब जल्द ही बजट सत्र शुरु होने वाला है और कांग्रेस शीतकालीन सत्र की तरह ही बजट सत्र में भी इस मुद्दे को उठाएगी और सरकार के इस कदम का विरोध करेगी।

उन्होंने कहा कि सरकार ने गरीबों के साथ अन्याय किया है और कांग्रेस गरीबों के हक की इस लड़ाई को तब तक लड़ती रहेगी जब तक इस कानून को बहाल नहीं किया जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार को नए कानून को हर हाल में वापस लेना पड़ेगा और कांग्रेस इस लड़ाई को तब तक लड़ती रहेगी जब तक सरकार मनरेगा को फिर से बहाल नहीं करती है। उनका कहना था कि कांग्रेस सरकार ने महात्मा गांधी के नाम से मनरेगा शुरू किया था, लेकिन मोदी सरकार इसे तबाह करने पर तुली है। मनरेगा को खत्म कर सरकार ने ग्रामीण भारत के गरीबों, कमजोर तबकों पर हमला किया है, जिसका देशभर में विरोध हो रहा है। जल्द ही बजट सत्र शुरू होने वाला है, जिसमें कांग्रेस मनरेगा के मुद्दे को उठाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश के तमाम हिस्सों में कांग्रेस पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए आंदोलन कर रही है। मनरेगा को खत्म करना समाज के कमजोर तबकों पर प्रहार ही नहीं है, बल्कि यह महात्मा गांधी को जन स्मृति से हटाकर, ग्राम स्वराज की सोच पर हमला करने की साजिश है। यह पहली बार है कि कोई दल महात्मा गांधी के नाम पर रखी योजना से उनका नाम हटाने की हिमाकत कर रहा है। यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। 

खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार मनरेगा को $खत्म करने का काम इसलिए कर रही है, ताकि देश के दबे-कुचले लोगों को बंधुआ मजदूर बनाया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनकी आबरू अमीरों के हाथ में सौंपने जा रहे हैं, ताकि लोग अमीरों के इशारों पर, उनकी मर्जी के पैसों पर काम करें। मनरेगा से लोगों को 100 दिन काम की कानूनी गारंटी मिलती थी, जिसे तबाह करने का काम किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस को मनरेगा और गरीबों के काम के अधिकार को बचाने की लड़ाई लड़नी है और इसके लिए सभी श्रमिकों को एकजुट होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा बचाने की लड़ाई किसी एक दल की नहीं है और ना ही वोट पाने की लड़ाई है बल्कि यह गरीबों के हक की लड़ाई है, ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार की गारंटी देने की लड़ाई है और इसके लिए सभी दलों के नेताओं तथा गरीबों को एक साथ खड़ा होना पड़ेगा और इस लड़ाई को जीतना होगा। यह गरीबों के लिए रोजगार का अधिकार है और कांग्रेस सरकार ने अनुच्छेद 41 के तहत सामान्य जनता को काम का अधिकार, भोजन का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार दिया। अगर आज जनता इस आंदोलन में अपना योगदान नहीं देगी, तो वह अपना हक खो देगी। फिर एक दिन ऐसा भी आएगा - जहां जिन लोगों के पास पैसे होंगे, जिनके पास जमीनें होंगी, अच्छी डिग्रियां होंगी - सिर्फ उन्हें ही वोट देने का अधिकार होगा। जो लोग देश के लिए कुछ योगदान नहीं देंगे, वो वोट नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा कि इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि जो हमारा कानूनी हक है, हमें उसकी हिफाजत करनी है, ताकि सरकार आपका हक ना छीन पाए।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार डिजिटल का सहारा लेकर भी गरीबों पर हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि आधार और डिजिटल अटेंडेंस लाकर लाखों मजदूरों को मनरेगा से बाहर कर दिया गया है। केंद्र सरकार कभी एसआईआर के जरिए कांग्रेस की विचारधारा को खत्म करने की कोशिश करती है, तो कभी मजदूरों के अधिकारों को छीनने का काम करती है। सरकार दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार योजना को खत्म करने पर तुली हैं। उन्होंने कहा कि नये कानून के जरिए भाजपा आरएसएस गांव पंचायत के अधिकारों को खत्म करना चाहती है। मनरेगा खत्म करने के बाद भाजपा आरएसएस जो चाहेंगे वहीं गांव में होगा और ग्रामीण श्रमिकों का हक मारा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार में श्रम मंत्री के रूप में उन्होंने करीब 18 देशों का दौरा किया और जब वह कहते थे कि हमने रोजगार का अधिकार गरीब को दिया है और यदि उसे गारंटी के तहत रोजगार नहीं मिलता है, तो कमिशनर को दंडित करने का प्रावधान है, तो हर जगह भारत के मनरेगा कानून की वाही वाही होती थी। लोग पूछते थे कि इतने बड़े देश में ऐसी बेहतरीन योजना को चलाया जा रहा है। यह सबके लिए अनुकरणीय है, लेकिन सरकार इसी योजना पर प्रहार कर रही है और गरीबों के अधिकार छीन रही है।

Read More छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले- युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश हुई, गृह मंत्री की चुप्पी महज चूक नहीं... 

 

Read More अमेरिका के ‘गोल्डन डोम’ की पहली बड़ी कामयाबी, इंटरसेप्टर के शुरुआती टेस्ट सफलतापूर्वक पूरे

 

Read More अखिलेश यादव का यूपी सरकार पर निशाना: जलभराव की स्थिति पर जिम्मेदारी तय करने की मांग, विकास के नाम पर भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

Tags: MNREGA

Related Posts

Post Comment

Comment List

Latest News

जयपुर एयरपोर्ट पर एनसीसी विमान हादसा : विमान क्षतिग्रस्त, पायलट और कैडेट सुरक्षित जयपुर एयरपोर्ट पर एनसीसी विमान हादसा : विमान क्षतिग्रस्त, पायलट और कैडेट सुरक्षित
एयरपोर्ट पर सोमवार अलसुबह टैक्सिंग के दौरान एनसीसी के माइक्रोलाइट विमान से ग्राउंड हैंडलिंग एजेंसी के वाहन की टक्कर। हादसे...
लखनऊ में फिर छात्रों का प्रदर्शन: शिक्षकों की कमी के खिलाफ सड़क पर उतरीं Gen Alpha, अब छात्राओं ने संभाला मोर्चा
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जन्मदिन पर मिली बधाईयों के लिए जताया आभार, नेताओं ने दी दीर्घायु और मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं
इंडोनेशिया में फिर कांपी धरती! फ्लोरेस में 5.9 तीव्रता का भूकंप; दो दिन पहले 7.7 के झटके में 53 मौतें
चिदंबरम के बयान पर सुधांशु त्रिवेदी का पलटवार, बोले- सिर्फ 24 घंटे में ही सामने आ गया किसके दिमाग में हैं ‘नक्सल’
वायदा बाजार की तेजी का असर : चांदी और शुद्ध सोना हुआ महंगा, जानें क्या है भाव  
UGC-NET की 3 परीक्षाएं दोबारा कराने पर भड़के राहुल, बोले- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पहला कदम था,आखिरी नहीं ; NTA की गलती की सजा छात्र क्यों भुगतें