जयपुर में कल पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन, मनरेगा संग्राम से जुड़ेगा चुनावी अभियान
कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को निर्देश
कांग्रेस पार्टी आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी के तहत 28 जनवरी को बिरला सभागार में सुबह 11 बजे से पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन करेगी। सम्मेलन में चुनावी प्रशिक्षण, रणनीति साझा करने, पंचायती राज चुनावों को मनरेगा संग्राम से जोड़ने तथा भविष्य में पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा।
जयपुर। कांग्रेस पार्टी आगामी पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों की तैयारी के तहत 28 जनवरी को बिरला सभागार में सुबह 11 बजे से पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन का आयोजन करेगी। इस सम्मेलन के माध्यम से कांग्रेस अपने विभाग राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को पूरी तरह सक्रिय कर पंचायत एवं निकाय चुनावों की माइक्रो लेवल रणनीति पर काम कर रही है। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीबी यादव ने बताया कि सम्मेलन में प्रदेशभर से कांग्रेस विचारधारा से जुड़े पंचायती राज जनप्रतिनिधि एवं आगामी चुनावों की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशी शामिल होंगे। सम्मेलन में चुनावी प्रशिक्षण, रणनीति साझा करने, पंचायती राज चुनावों को मनरेगा संग्राम से जोड़ने तथा भविष्य में पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त करने जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
सम्मेलन में सिविल सोसाइटी के जन संगठनों, अनुभवी विशेषज्ञों तथा पंचायती राज व्यवस्था में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सफल स्थानीय नेताओं के अनुभवों के माध्यम से जनप्रतिनिधियों को जनता से सीधा कनेक्शन स्थापित करने एवं प्रभावी चुनावी रणनीति तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सम्मेलन को कांग्रेस के राजस्थान प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनील पंवार, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संबोधित करेंगे और पंचायती राज के जनप्रतिनिधियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व द्वारा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे अधिक से अधिक गांवों में ग्राम चौपाल और मनरेगा संग्राम को पहुंचाएं। इस अभियान के दौरान कार्यकर्ताओं की परफॉर्मेंस की निगरानी की जाएगी और जो नेता जनता के बीच प्रभावी ढंग से मुद्दे उठाएंगे, उन्हें पंचायत एवं निकाय चुनावों में अवसर दिया जाएगा। मनरेगा संग्राम के माध्यम से गांव-गांव, ढाणी-ढाणी तक मनरेगा कानून की कमियों और केंद्र सरकार की नीतियों के प्रभाव को जनता के सामने रखा जा रहा है। इस दौरान कार्यकर्ताओं को जनता से सीधे संवाद, संगठन विस्तार और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर मिल रहा है। जयपुर में होने वाले इस पंचायती राज सशक्तिकरण सम्मेलन में सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर मनरेगा से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने की ठोस रणनीति भी तैयार की जाएगी।

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