अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सीएम ममता बनर्जी ने दी देश की महिलाओं को शुभकामनाएं, गैस कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
महिला दिवस पर केंद्र के खिलाफ 'काली साड़ी' विरोध का आह्वान
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महिला दिवस पर केंद्र द्वारा रसोई गैस की कीमतें बढ़ाने की तीखी आलोचना की। उन्होंने महिलाओं से काली साड़ी पहनकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील की। ममता ने अपनी सरकार की लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बंगाल को महिला सशक्तिकरण का केंद्र बताया और सुरक्षा हेतु अपराजिता विधेयक पर जोर दिया।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दीं और रसोई गैस की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने राज्य की महिलाओं से इसके विरोध में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट संदेश में समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए बंगाल के इतिहास से जुड़ी कई महान महिलाओं को याद किया। उन्होंने लिखा, मैं बंगाल की इस मिट्टी को नमन करती हूं-यह प्रीतिलता वद्देदार, मातंगिनी हाजरा, कल्पना दत्ता, बीना दास, सुनीति चौधरी और मदर टेरेसा की भूमि है। साथ ही उन्होंने घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
सीएम ममता बनर्जी ने लिखा कि उनकी सरकार हमेशा लोगों के साथ खड़ी रहने की कोशिश करती है, जबकि केंद्र सरकार का काम लोगों को परेशान करना बन गया है। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लोगों की रसोई पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, गैस की कीमतें जिस तरह बढ़ाई गई हैं, उससे लोगों की रसोई प्रभावित होगी। इसलिए बंगाल की महिलाएं आज काली साड़ी पहनकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगी।
मुख्यमंत्री ने रविवार को गैस कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ महिलाओं के नेतृत्व में राज्य में विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है और प्रदर्शन में शामिल होने वाली महिलाओं से काले कपड़े पहनने को कहा है। इस मौके पर उन्होंने महिलाओं के लिए अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत फिलहाल करीब 2.41 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति परिवारों की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रति माह तथा अन्य महिलाओं को हाल ही में 500 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 1,500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं।
ममता बनर्जी ने कहा कि स्वास्थ्य साथी के तहत लगभग 2.42 करोड़ महिलाओं को स्मार्ट कार्ड मिले हैं, जबकि करीब एक करोड़ लड़कियां कन्याश्री प्रकल्प की लाभार्थी हैं, जिसे यूनेस्को से अंतरराष्ट्रीय मान्यता भी मिली है। अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि रूपाश्री प्रकल्प के तहत करीब 23 लाख महिलाओं को वित्तीय सहायता दी गई है और सबुज साथी के तहत लगभग 1.48 करोड़ साइकिलें वितरित की गई हैं, जिनमें करीब 79 लाख साइकिलें लड़कियों को मिली हैं।
महिलाओं की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अपराजिता विधेयक पारित किया गया है, 49 महिला पुलिस थाने स्थापित किए गए हैं और महिलाओं से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए 52 फास्ट-ट्रैक अदालतें बनाई गई हैं।

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