झारखंड में परीक्षा विवाद : छात्रों की मांगों पर सरकार से नहीं बनी पूरी सहमति, JPSC के तीनों सदस्यों का इस्तीफा
JPSC-PT रद्द करने पर सहमति; JSSC-CGL पर फैसला नहीं
रांची। झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित धांधली को लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है। रविवार को छात्र संगठनों और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बैठक हुई, जो पांच घंटे से ज्यादा चली। सरकार का दावा है कि छात्रों की आधी से ज्यादा मांगें मान ली गई हैं, जबकि छात्र संगठनों का कहना है कि कई अहम मांगों पर अब भी सहमति नहीं बनी है। छात्रों के मुताबिक, सरकार जेपीएससी-पीटी परीक्षा रद्द करने पर सहमत हुई है, लेकिन जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने को लेकर सहमति नहीं बनी। परीक्षा व्यवस्था में सुधार समेत अन्य मांगों पर भी छात्रों ने ठोस निर्णय की मांग की है। इसी बीच, झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के तीन वरिष्ठ सदस्यों अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और अनिमा हांसदा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। तीनों सदस्यों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को भेज दिया है। एक दिन पूर्व ही जेपीएससी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रही जांच के सिलसिले में सीआईडी ने आयोग के तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए समन भेजा था। सोमवार को तीनों सदस्यों को सीआईडी के समक्ष पूछताछ के लिए उपस्थित होना था।
विधानसभा कूच करेंगे छात्र :
छात्र नेताओं ने कहा कि सीबीआई जांच की घोषणा होने तक वे किसी समझौते के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा तक मार्च निकालने का ऐलान किया है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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